रायपुर, 21 अगस्त 2025
पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण को एक नई दिशा देते हुए छत्तीसगढ़ में “वीमेन फॉर ट्रीज” अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के कौशल्या विहार (कमल विहार) में किया। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, विधायक मोतीलाल साहू और रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने सिंदूर के पौधे लगाकर अभियान का शुभारंभ किया।
प्रदेशभर में 444 परियोजनाएं स्वीकृत, 1.66 लाख से अधिक पौधे लगेंगे
“वीमेन फॉर ट्रीज” अभियान के तहत भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के 133 नगरीय निकायों में 444 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 1,65,997 पौधों का रोपण किया जाएगा। अभियान की कुल प्रस्तावित लागत ₹37.79 करोड़ थी, जिसमें से ₹27.48 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। शेष 201 परियोजनाओं को संशोधित कर पुनः भेजा गया है।
महिलाएं बनेंगी हरियाली की अगुवा
अभियान की खास बात यह है कि इसमें महिला स्वसहायता समूहों को सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। 1701 समूहों की 2300 से अधिक महिलाएं वृक्षारोपण और पौधों की देखभाल का जिम्मा संभालेंगी। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 60 स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा, जिसमें 232 महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
महापौर मीनल चौबे ने बताया कि यह अभियान न केवल पर्यावरण को संवारने का कार्य करेगा, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएगा।
“एक पेड़ माँ के नाम” से प्रेरित अभियान
“वीमेन फॉर ट्रीज” अभियान भारत सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम से प्रेरित है। इसे अमृत मित्र योजना (अमृत 2.0 और डे-एनयूएलएम के अभिसरण) के तहत लागू किया जा रहा है। वृक्षारोपण का कार्य शासकीय भूमि, जलाशयों, आंगनबाड़ियों, अस्पतालों, स्कूलों, उद्यानों, मुक्तिधामों, गौठानों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि
बड़े राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक पौधरोपण की स्वीकृति मिली है, वहीं परियोजना राशि के मामले में राज्य पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर है। इससे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर भी पर्यावरण संरक्षण और महिला सहभागिता के क्षेत्र में पहचान मिल रही है।

Author: Deepak Mittal
