बाबा बागेश्वर के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा छत्रपति शिवाजी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने दावा किया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज लगातार युद्धों से थककर समर्थ रामदास स्वामी के पास गए थे।
उन्होंने अपना मुकुट उतारकर उनके चरणों में रख दिया था और उनसे राज्य का प्रशासन संभालने का अनुरोध किया था। उन्होंने हिंदुओं को चार संतानें पैदा करने की भी सलाह देकर विवाद को और बढ़ा दिया, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि एक संतान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समर्पित होनी चाहिए।
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भगवत की उपस्थिति में दिए गए। विपक्षी नेताओं ने सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर इस पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इस बयान की निंदा की। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने तर्क दिया कि शिवाजी महाराज स्वराज के लिए संघर्ष कर रहे थे। वह कभी नहीं थके थे।
Author: Deepak Mittal










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