बाबा गुरु घासीदास का संदेश आज भी प्रासंगिक – मुख्यमंत्री  साय

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली

मुंगेली -मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी की 268वीं जयंती के अवसर पर जिले के मुंगेली विकासखण्ड के मोतिमपुर-अमरटापू धाम में आयोजित एक दिवसीय गुरु पर्व मेला में शामिल हुए।

उन्होंने गुरू घासीदास मंदिर में बाबा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश के नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों का अभिवादन करते हुए बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास के बताए हुए मार्ग पर चल रही है। बाबा गुरु घासीदास का जन्म 18 दिसंबर 1756 को गिरौदपुरी में हुआ था। उस समय समाज में छुआछूत और भेदभाव व्याप्त था। ऐसे समय में बाबा ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया।

देश और प्रदेश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ सभी वर्ग का विकास हो रहा है। 13 दिसंबर को हमारी सरकार के 01 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में जनादेश परब के रूप में मनाया गया।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम कंतेली में नवीन महाविद्यालय खोलने और मोतिमपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की घोषणा की। इसके साथ ही मोतिमपुर-अमरटापू धाम के सौंदर्यीकरण के लिए भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनते ही पहली कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवास की स्वीकृति दी गई।

धान का 02 साल का बकाया बोनस की राशि किसानों के खाते में अंतरित की गई। पीएससी घोटाला की सीबीआई द्वारा जांच की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई होना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमेशा खुशहाली हो। इसके लिए कार्य करने हमारी सरकार हमेशा तत्पर है। 


केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने समाज में व्याप्त जातिगत विषमताओं को नकारा। उन्होंने गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास जयंती हर साल 18 दिसंबर को राज्य में उत्सव के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास के जीवन दर्शन और समरसता के संदेश का उल्लेख करते हुए सभी लोगों से बाबा के बताए रास्ते पर चलने का आग्रह किया।

खाद्यमंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास सतनाम पंथ के संस्थापक थे। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान, आपसी भाईचारा एवं समरसता का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने मंच के माध्यम से सेतगंगा मेला के आयोजन के लिए 05 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने लोगों को सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।


     गौरतलब है कि मोतिमपुर-अमरटापू धाम में सन् 1996 से प्रतिवर्ष गुरुघासीदास जयंती पर गुरुपर्व मेला का आयोजन होता आ रहा है। कार्यक्रम के संयोजक मंडल के अध्यक्ष दुर्गा बघेल ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, श्रद्धालुओं, संत, महंत, सभी का अभिवादन किया। कार्यक्रम के समापन में समिति के पदाधिकारियों मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त  महादेव कावरे, आईजी  संजीव शुक्ला, कलेक्टर  राहुल देव, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी संजय यादव, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर  निष्ठा पांडेय तिवारी,  मेनका प्रधान, एसडीएम मुंगेली पार्वती पटेल एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारीगण, समिति के पदाधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *