गुजरात हाई कोर्ट ने रेप के दोषी आसाराम को एक और राहत दी है. कोर्ट ने उनकी अस्थायी जमानत को 3 सितंबर तक बढ़ा दिया है. यह फैसला मेडिकल ग्राउंड्स पर लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, यह जमानत राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश से जुड़ी हुई है.
जोधपुर हाई कोर्ट ने 12 अगस्त को आसाराम की इंटरिम बेल को तीसरी बार बढ़ाते हुए 29 अगस्त तक राहत दी थी. यह राहत भी स्वास्थ्य कारणों से दी गई थी.
राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर शामिल थे, ने यह आदेश दिया था. आसाराम के वकील निशांत बोरा ने 12 अगस्त को कोर्ट में दलील दी थी कि गुजरात हाई कोर्ट पहले ही उनकी बेल को 21 अगस्त तक बढ़ा चुका है. ऐसे में राजस्थान हाई कोर्ट से भी बेल बढ़ाने की अपील की गई थी.
स्वास्थ्य का हवाला देकर आसारम को मिल रही राहत
7 अगस्त को गुजरात हाई कोर्ट ने भी उनकी बेल बढ़ाई थी. उस समय कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 30 जुलाई के आदेश का हवाला दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि आसाराम स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर हाई कोर्ट से बेल बढ़ाने की मांग कर सकते हैं.
रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम
गौरतलब है कि आसाराम अभी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. उन्हें एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था. आरोप है कि यह अपराध उनके जोधपुर स्थित गुरुकुल में हुआ था.
राजस्थान और गुजरात कोर्ट में होगी सुनवाई
अब मामला मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भर है. डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने स्वास्थ्य जांच की है. 29 अगस्त को जोधपुर हाई कोर्ट इस रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला लेगा. इसके बाद 3 सितंबर को गुजरात हाई कोर्ट भी सुनवाई करेगा और तय करेगा कि राहत आगे बढ़ेगी या नहीं.

Author: Deepak Mittal
