Armed Forces Flag Day: देश की रक्षा में लगे सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारके सम्मान में हर साल 7 दिसंबर को आर्म्ड फोर्सेज फ्लैग डे मनाया जाता है। इसकी शुरुआत देश आजाद होने के करीब दो साल बाद वर्ष 1949 से हुई है।
इस मौके पर जानिए कि भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं तो यह कैसे कर सकते हैं। इसके लिए कोई एक रास्ता और प्रक्रिया नहीं है। यहां भारतीय सेना का हिस्सा बनने के रास्तों और चयन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।
नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA)
मिलिट्री, नेवी या एयरफोर्स में अधिकारी बनने की ख्वाहिश है तो एनडीए के जरिए यह सपना पूरा कर सकते हैं। इसके तहत फिजिक्स और गणित विषय के साथ 12वीं पास कर चुके 16.5-19.5 वर्ष की उम्र के अविवाहित पुरुष उम्मीदवार हिस्सा ले सकते हैं। इसकी परीक्षा यूपीएससी आयोजित करती है। लिखित परीक्षा के बाद सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) और मेडिकल टेस्ट होता है। चयनित उम्मीदवारों को एनडीए में ट्रेनिंग के बाद ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाता है। सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) पांच दिनों तक चलने वाला इंटरव्यू है जिसमें कैंडिडेट्स के नेतृत्व, मानसिक क्षमता, और निर्णय लेने की स्किल को परखा जाता है।
कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS)
एनडीए के जरिए 12वीं के बाद ही सेना में अधिकारी बनने के रास्ते पर चल सकते हैं लेकिन अगर ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है तो सीडीएस के जरिए भी ऐसा कर सकते हैं। इसके तहत किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन कर चुके या आखिरी वर्ष में पढ़ रहे 19-24 वर्ष के लोग हिस्सा ले सकते हैं। इसकी परीक्षा यूपीएससी आयोजित करती है। लिखित परीक्षा के बाद सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) और मेडिकल टेस्ट होता है।
अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme)
सेना में 10वीं पास करने के बाद भी जा सकते हैं। अग्निपथ योजना के तहत 17.5-21 वर्ष के लोग हिस्सा ले सकते हैं। फिजिकल फिटनेस टेस्ट, लिखित परीक्षा और मेडिकल चेकअप के बाद चयनित अभ्यर्थी 4 साल तक सेना में रहेंगे। इसके बाद 25 फीसदी को सेना में स्थायी तौर पर रखा जाता है।
टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES)
बारहवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ में 70% अंक हासिल करने वाले ही इस स्कीम के तहत सेना में जा सकते हैं। इसमें सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के बाद चयनित उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग में भर्ती किया जाता है। कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें लेफ्टिनेंट बनाया जाता है।
शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC)
आर्मी में 10-14 साल की सर्विस के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए ग्रेजुएट या इंजीनियर्स को भर्ती किया जाता है। इसकी चयन प्रक्रिया में डायरेक्ट एंट्री या NCC स्पेशल एंट्री और एसएसबी इंटरव्, मेडिकल टेस्ट है।

Author: Deepak Mittal
