तेहरान: Iran के दक्षिणी हिस्से में स्थित मिनाब इलाके में एक गर्ल्स स्कूल के पास मिसाइल गिरने से 160 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना 28 फरवरी को हुई, जब United States और Israel की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान में हमले किए गए थे।
बताया गया है कि मिसाइल धमाके में बड़ी संख्या में छात्राओं की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। इस घटना के बाद ईरान ने हमले के पीछे अमेरिका का हाथ होने का आरोप लगाया, जबकि उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने लड़कियों के स्कूल को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया था।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें मिनाब स्थित स्कूल के पास मिसाइल गिरने का दृश्य दिखाई देता है। यह वीडियो Mehr News Agency द्वारा साझा किया गया था। वीडियो और सैटेलाइट इमेज के आधार पर कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि यह मिसाइल अमेरिकी निर्मित टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल जैसी दिखाई देती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी मीडिया ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर यह भी संकेत दिया कि मिसाइल का असली निशाना पास में स्थित Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का नेवल कॉम्प्लेक्स था, लेकिन तकनीकी गलती की वजह से मिसाइल स्कूल के पास जा गिरी। कुछ इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में भी इसे “ऑपरेशनल गलती” बताया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल लगभग 1,600 किलोमीटर दूर तक लक्ष्य को भेद सकती है और मौजूदा संघर्ष में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा ही किया जाता है। वहीं कुछ रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास इस प्रकार की मिसाइलें नहीं हैं।
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बहस तेज हो गई है, जबकि ईरान ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Author: Deepak Mittal










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