Allu Arjun Stampede Case: तेलुगु फिल्मों के मशहूर अभिनेता अल्लू अर्जुन चार दिसंबर को फिल्म ‘पुष्पा-2’ की स्क्रीनिंग के दौरान मची भगदड़ मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार (24 दिसंबर) को हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली पुलिस के सामने पेश हुए।
अभिनेता को एक नोटिस जारी कर मंगलवार सुबह 11 बजे पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। उनके आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और थाना जाने से पहले उन्होंने भीड़ का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। अल्लू अर्जुन ने पहले कहा था कि वह जांच में सहयोग करेंगे।
इससे पहले पुलिस आयुक्त सी. वी. आनंद ने थिएटर में हुई घटना का वीडियो सोमवार को जारी किया था। हैदराबाद के संध्या थिएटर में चार दिसंबर को भगदड़ के दौरान 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। जबकि उसके आठ वर्षीय बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद, हैदराबाद पुलिस ने मृतक महिला के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर चिक्कड़पल्ली थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और थिएटर प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया।
अल्लू अर्जुन का नाम आरोपी नंबर 11 के रूप में दर्ज किया गया था। उन्हें महिला की मौत के सिलसिले में 13 दिसंबर को हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन तेलंगाना हाई कर्ट ने उसी दिन अभिनेता को चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। इसके बाद उन्हें 14 दिसंबर की सुबह जेल से रिहा कर दिया गया।
पुलिस का एक्टर पर आरोप
अधिकारियों का दावा है कि पुलिस के निर्देश के बावजूद अल्लू अर्जुन ने 4 दिसंबर को संध्या थिएटर छोड़ने से इनकार कर दिया, जिसके कारण कथित तौर पर भगदड़ मच गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभिनेता के प्रबंधक को एक महिला की मौत और बिगड़ती स्थिति के बारे में सूचित किया गया था, लेकिन यह बात अल्लू अर्जुन को नहीं बताई गई। कथित तौर पर पुलिस अदालत में अपने दावों का समर्थन करने के लिए वीडियो सबूत पेश करने की योजना बना रही है।
प्रीमियर में भाग लेने वाले प्रशंसकों का अभिवादन करने के लिए अल्लू अर्जुन अपनी कार से बाहर निकले, जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई। एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा बुरी तरह घायल हो गया। तब से लड़का अस्पताल में भर्ती है।अल्लू अर्जुन को मामले के सिलसिले में 13 दिसंबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें उनके आवास से उठाया गया और फिर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर 4 सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी गई। हालांकि, कागजी कार्रवाई में देरी के कारण उन्हें एक रात जेल में बितानी पड़ी।
