पेंशन बंटवारे में घोटाले का आरोप, सीबीआई जांच की मांग

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रायपुर: मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन के बाद पेंशन बजट के बंटवारे में सामने आई कथित गंभीर अनियमितताओं ने छत्तीसगढ़ शासन की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने आरोप लगाया है कि पेंशन राशि के बंटवारे में लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़ को अब तक कई हजार करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। महासंघ का दावा है कि लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लेनदारी के लिए मध्यप्रदेश से मांग की गई है।

महासंघ ने इस पूरे मामले को राज्य के हितों के साथ गंभीर अन्याय बताते हुए इसकी निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि यह मुद्दा वर्ष 2018 से लगातार छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाता रहा है, लेकिन इसके बावजूद न तो इसे प्राथमिकता दी गई और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया।

वीरेन्द्र नामदेव ने आरोप लगाया कि पेंशन जैसी संवेदनशील और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी राशि के मामले में भी शासन-प्रशासन ने लगभग 25 वर्षों तक आंख मूंदे रखी, जिससे राज्य को हर वर्ष भारी आर्थिक नुकसान होता रहा। उन्होंने इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक विफलता और जवाबदेहीहीनता का उदाहरण बताया।

महासंघ के अनुसार, पहली बार वर्तमान वित्त सचिव मुकेश बंसल ने इस विषय को गंभीरता से लिया। उन्होंने महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि यदि 74:26 के अनुपात में पेंशन राशि के बंटवारे के कारण छत्तीसगढ़ को नुकसान हो रहा है, तो वित्त विभाग और बैंक प्रशासन के साथ समन्वय कर इसकी जांच की जाएगी। इसी क्रम में 10 अक्टूबर 2025 को महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को मंत्रालय में आमंत्रित कर वित्त सचिव ने उनके प्रयासों की सराहना भी की।

वित्त सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के प्रावधानों के चलते पेंशन राशि के बंटवारे में छत्तीसगढ़ राज्य को प्रतिमाह लगभग 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की हानि हो रही है, जो राज्य के वित्तीय हितों पर सीधा आघात है।

महासंघ ने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक यह आर्थिक नुकसान किसके संरक्षण में होता रहा और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, महामंत्री अनिल गोल्हानी, संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, कोषाध्यक्ष बी.एस. दसमेर, संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी और जिला रायपुर अध्यक्ष आर.जी. बोहरे ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं कराई गई और दोषियों को दंडित नहीं किया गया, तो पेंशनर्स संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल पेंशनरों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के आर्थिक अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मामला है।

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Author: Deepak Mittal

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