लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों से पहले PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय और मतदाताओं को लेकर बड़ा और तीखा संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर PDA के वोट बंटे, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा और आम जनता अपने संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण, रोजगार और जमीन से हाथ धो सकती है।
अखिलेश यादव ने दो टूक कहा—
👉 “एक भी वोट विभाजित न हो, एक भी वोट कम न हो”
यही नारा अब हर मतदान केंद्र तक गूंजना चाहिए।
वोट कटने की साजिश? भाजपा पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने आशंका जताई कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वोटर लिस्ट से नाम गायब हो गया, तो लोगों को
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सरकारी योजनाओं
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राशन कार्ड
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नौकरियों
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जमीन और अन्य अधिकारों
से वंचित किया जा सकता है।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने वोटर आईडी को नागरिक पहचान पत्र की तरह समझें और हर हाल में अपने नाम की जांच करें।
“वोट बचाओ, भविष्य बचाओ”
अखिलेश यादव ने कहा कि वोट की रक्षा सिर्फ सरकार बदलने के लिए नहीं, बल्कि
👉 संविधान, आरक्षण और संपत्ति के अधिकार बचाने के लिए जरूरी है।
उन्होंने PDA समाज से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा—
“आज वोट देने का अधिकार होते हुए भी अगर इतना उत्पीड़न है, तो सोचिए अगर ये अधिकार ही छिन गया तो क्या होगा?”
X पर पोस्ट कर फिर दोहराया संदेश
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि PDA समुदाय के लाखों वोट अभी भी विभाजित हो रहे हैं। उन्होंने PDA संरक्षकों से अपील की कि
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हर मतदान केंद्र पर सतर्कता रखें
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गहन जांच करें
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किसी भी साजिश को सफल न होने दें
उनका आरोप है कि भाजपा और उसके सहयोगी निर्विरोध चुनाव जैसी रणनीति अपनाकर सत्ता हथियाना चाहते हैं।
2.89 करोड़ वोट कटे! विपक्ष का हंगामा
इस पूरे बयान के पीछे वजह भी बेहद गंभीर है।
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मसौदा वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
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कांग्रेस और सपा ने इसे “बड़ी साजिश” बताया
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मामले की जांच की मांग की
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लखनऊ में सबसे ज्यादा 30.04% वोट हटाए जाने का दावा
चुनाव आयोग का पक्ष भी आया सामने
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के अनुसार—
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46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए
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2.17 करोड़ मतदाता पलायन या अनुपस्थित
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25.47 लाख नाम डुप्लीकेट
इसी आधार पर नाम हटाए गए।
👉 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं।
Author: Deepak Mittal










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