रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम नेशनल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने 12.78 करोड़ रुपये की 62 चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इनमें करीब 4.69 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश भी शामिल हैं।
ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 31 जुलाई 2026 को PMLA, 2002 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, ये संपत्तियां कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन यानी Proceeds of Crime से खरीदी गई थीं या फिर उसके बराबर मूल्य की अन्य संपत्तियां थीं।
इस मामले में ED ने जय प्रकाश गांधी समेत 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ रायपुर की विशेष PMLA अदालत में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल की है। एजेंसी का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण मुआवजे में अनियमितताओं के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया और बाद में इस रकम को अलग-अलग निवेशों में लगाया गया।
ED ने यह जांच छत्तीसगढ़ EOW और ACB की FIR क्रमांक 30/2025 के आधार पर शुरू की थी। यह FIR 23 अप्रैल 2025 को अभनपुर के तत्कालीन SDO (राजस्व) और CALA निर्भय साहू समेत अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी।
मामले में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद विशेष अदालत में चार्जशीट भी पेश की गई।
ED की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
Author: Deepak Mittal









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