कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दिव्या मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर एवं उसके 500 मीटर के दायरे में धारा 163 के तहत पारित किया आदेश 

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कलेक्टर द्वारा कानून व शांति व्यवस्था, लोकहित एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए पारित किया गया आदेश

बालोद  , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कानून व शांति व्यवस्था, लोकहित एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त जिला कार्यालय परिसर बालोद एवं उसके 500 मीटर के दायरे में धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत आवश्यक आदेश पारित किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि ज्ञापन देने आने वाले लोग 20 से 25 या इससे भी ज्यादा संख्या में जिला कार्यालय परिसर में प्रवेश कर शोर शराबा करने से कार्यालय की शांति व्यवस्था भंग होती है।

इस कारण न केवल संयुक्त जिला कार्यालय के शासकीय कार्यों में बाधा पहुँचती है बल्कि एक अस्वस्थ माहौल निर्मित होता है और कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। उक्त स्थिति के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के द्वारा कानून व शांति व्यवस्था, लोकहित एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुये उक्त आदेश पारित किया गया है। 


   कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा पारित किए गए आदेश के तहत संयुक्त जिला कार्यालय परिसर जिला बालोद एवं उसके 500 मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा सभा, रैली, जुलूस प्रदर्शन, धरना, हड़ताल किया जाना प्रतिबंधित होगा अथवा एक समय में किसी स्थान पर 04 से अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति (अनुज्ञप्तिधारी सहित) किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, अस्त्र-शस्त्र, धारदार घातक हथियार आदि को लेकर नहीं चलेगा।

धार्मिक परंपरा अनुसार रखे जाने वाले कृपाण आदि पर यह कण्डिका प्रभावशील नहीं होगी। किसी भी प्रकार से सभा रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन, हड़ताल आदि करने से पहले अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कार्यपालिक दण्डाधिकारी से अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। क्षेत्रातर्गत सभाओं, रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन हड़ताल आदि के दौरान शासकीय एवं निजी सम्पतियों को नुकसान पहुँचाना, पुतला दहन तोड़फोड़ एवं टायर आदि जलाकर मार्ग अवरूद्ध कर यातायात बाधित करना तथा आम नागरिक में दहशत फैलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश सभी प्रकार के दलों, संगठनों, संघों तथा आम जनता जो सभा, रैली जुलूस, धरना, प्रदर्शन, हड़ताल आदि के उद्देश्य से बिना अनुमति के एकत्रित होंगे, पर लागू रहेगा तथा जारी किए जाने की तिथि 12 जून 2026 से आगामी आदेश पर्यन्त तक प्रभावशील रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, व्यक्तियों के समूह के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही की जाएगी।

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Author: Deepak Mittal

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