न्यायपालिका में बड़े फैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दो हाईकोर्ट के आठ अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी जज बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के तौर पर देखा जा रहा है। कॉलेजियम की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया।
कॉलेजियम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने की। उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नियुक्त अतिरिक्त जजों को स्थायी बनाने का फैसला लिया। मद्रास हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति आर पूर्णिमा, एम जोथिरामन और ऑगस्टीन देवदास मारिया क्लेटे के नाम मंजूर किए गए।
वहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, राधाकिशन अग्रवाल, संजय कुमार जायसवाल, बिभू दत्ता गुरु और अमितेंद्र किशोर प्रसाद को स्थायी जज बनाने की स्वीकृति दी गई।
मद्रास हाईकोर्ट में तीन और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पांच जजों को स्थायी नियुक्ति दी गई है। ये सभी पहले अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे और अब इन्हें पूर्णकालिक स्थायी जज के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह नियुक्ति उनके कामकाज और अनुभव को देखते हुए की गई है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इन स्थायी जजों की नियुक्ति
- न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत
- न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल
- न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल
- न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु
- न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद
Author: Deepak Mittal










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