कुएं में फंसे भालू का सफल रेस्क्यू: वन विभाग की मुस्तैदी और टीमवर्क ने पेश की मिसाल

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जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल के सकारात्मक कार्य दिखने लगे अब जिले में

बालोद ,वन मंडल अंतर्गत दल्ली राजहरा क्षेत्र के ग्राम जपकोहड़ा में वन विभाग की सतर्कता और तत्परता से एक बड़े हादसे को टालते हुए भालू का सफल रेस्क्यू किया गया। शुक्रवार 20 मार्च 2026 को एक भालू के कुएं में गिरने की सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर सुनियोजित तरीके से बचाव कार्य प्रारंभ किया।


घटना ग्राम जपकोहड़ा स्थित एक बाड़ी की है, जहां अचानक भालू कुएं में गिर गया था। स्थिति गंभीर होने के बावजूद वन विभाग ने धैर्य और सूझबूझ के साथ कार्य करते हुए जंगल सफारी रायपुर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सुरक्षित घेरा बनाकर पूरे अभियान को नियंत्रित ढंग से संचालित किया गया और अंततः भालू को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।


इस सफल अभियान को लेकर जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया और प्रशिक्षित टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। विभाग लगातार अपने संसाधनों और कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य कर रहा है।


रेस्क्यू में शामिल वन अमले के एक सदस्य उपेन्द्र कुमार ने बताया कि कुएं की गहराई और भालू की स्थिति को देखते हुए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां थीं, लेकिन टीम ने संयम बनाए रखते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया, जिससे भालू को बिना किसी चोट के बाहर निकालना संभव हो पाया।


वहीं, ग्राम के एक ग्रामीण किसान रामेश्वर कुणाल ने बताया कि भालू के कुएं में गिरने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था, लेकिन वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। ग्रामीणों ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में वन विभाग की मौजूदगी लोगों में विश्वास पैदा करती है।


गौरतलब है कि दल्ली राजहरा क्षेत्र में लगातार जंगली भालू एवं अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वन विभाग द्वारा निरंतर निगरानी, जनजागरूकता और त्वरित रेस्क्यू जैसे कदम मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।


यह पूरा घटनाक्रम वन विभाग की सजगता, संवेदनशीलता और उत्कृष्ट कार्यशैली का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसने न केवल एक वन्यजीव का जीवन बचाया, बल्कि आमजन में भी सुरक्षा और विश्वास का भाव मजबूत किया।

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Author: Deepak Mittal

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