अमरावती: आंध्र प्रदेश के Rajahmundry शहर में मिलावटी दूध पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। ताजा मामले में बंडारू वीरालक्ष्मी (60) की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें 16 फरवरी को गंभीर गुर्दा विफलता के कारण भर्ती कराया गया था।
जानकारी के अनुसार शहर के Swarupanagar और Chowdeswaranagar इलाके के लोगों ने एक ही विक्रेता द्वारा सप्लाई किए गए दूध का सेवन किया था, जिसके बाद कई लोग बीमार पड़ गए। तीन शिशुओं समेत सात लोग अब भी गंभीर गुर्दा विफलता से जूझ रहे हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।
East Godavari district की कलेक्टर Krithi Chekuri के अनुसार, मिलावटी दूध में एथिलीन ग्लाइकोल नामक जहरीला रसायन पाया गया है। इसे पीने के बाद करीब 20 लोग गंभीर गुर्दा विफलता का शिकार हो गए।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 22 फरवरी को ताडी कृष्णावेनी (76) की इलाज के दौरान Kakinada Government Hospital में मौत हो गई। इसके बाद मृतक के बेटे की शिकायत पर Rajahmundry Town Police Station में मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पीड़ितों के रक्त नमूने, दूध और दही के सैंपल तथा दूध सप्लाई से जुड़ी सामग्री को Forensic Science Laboratory और क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मिलावटी दूध में मौजूद जहरीले एथिलीन ग्लाइकोल के कारण लोगों की किडनी फेल हुई और मौतें हुईं।
जांच में सामने आया कि आरोपी Ganeshwara Rao (37) नरसापुरम गांव के 43 किसानों से दूध इकट्ठा कर अपने घर में दो कंटेनर वाले फ्रीजर में स्टोर करता था। बाद में इसे कैन में भरकर शहर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
ग्राहकों ने दूध का स्वाद कड़वा होने की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि फ्रीजर में लीकेज होने के कारण दूध में जहरीला पदार्थ मिल गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है और मामले की आगे जांच जारी है।
Author: Deepak Mittal










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