नई दिल्ली: दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू बुधवार दोपहर 1:30 बजे लोक निवास में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश उन्हें शपथ दिलाएंगे। इसके साथ ही वे औपचारिक रूप से राष्ट्रीय राजधानी के 23वें उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
वर्तमान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है और वे शुक्रवार को अपना पदभार ग्रहण करेंगे।
तरनजीत सिंह संधू एक वरिष्ठ पूर्व भारतीय राजनयिक रहे हैं। उन्होंने फरवरी 2020 से 31 जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में सेवा दी। वर्ष 1988 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल हुए संधू ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्हें यूक्रेन में भारतीय दूतावास की स्थापना में अहम भूमिका निभाने का श्रेय भी दिया जाता है, जहां उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक विंग के प्रमुख के रूप में कार्य किया।
अपने तीन दशक से अधिक लंबे राजनयिक करियर में संधू वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव, फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्यदूत और वाशिंगटन डीसी में उप मिशन प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद वे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। पार्टी ने उन्हें अमृतसर लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता गुरजीत सिंह औजला के खिलाफ उम्मीदवार बनाया था।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से कला स्नातक (बीए) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से कला स्नातकोत्तर (एमए) की उपाधि प्राप्त की है।
राष्ट्रपति भवन से जारी बयान के अनुसार, यह सभी नियुक्तियां संबंधित पदों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।
Author: Deepak Mittal










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