अंबिकापुर: पंचम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत ने पिता की हत्या के मामले में दोषी पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि मृतक द्वारा पत्नी के साथ मारपीट किए जाने से नाराज होकर बेटे ने पिता को बुरी तरह पीट दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
मठपारा गांव की घटना
मामला मणिपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मठपारा का है। अतिरिक्त लोक अभियोजक विद्यासागर सिंह ने बताया कि मृतक इंदरलाल कुजूर अपने परिवार के साथ मठपारा में रहता था। वह अक्सर शराब के नशे में परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता था।
23 जून 2024 की रात भी इंदरलाल कुजूर ने शराब के नशे में अपनी पत्नी सुनीता कुजूर के साथ मारपीट की। मां पर हो रहे अत्याचार को देख पुत्र आक्रोशित हो गया और उसने पिता की पिटाई कर दी। गंभीर चोटों के कारण इंदरलाल की मौत हो गई।
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी पुत्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पारिवारिक विवाद के बावजूद कानून को हाथ में लेना अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।
Author: Deepak Mittal










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