India–Brazil ने US ट्रेड पॉलिसी पर की चर्चा, ‘वेट-एंड-वॉच’ रणनीति पर सहमति

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नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत और ब्राज़ील ने अमेरिका की हालिया ट्रेड पॉलिसी में बदलाव पर गहन चर्चा की है। ब्राज़ील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रभाव का अध्ययन करने और आगे की स्थिति स्पष्ट होने तक ‘वेट-एंड-वॉच’ रणनीति अपनाने पर सहमति जताई।

विदेश मंत्रालय (MEA) के सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने बताया कि राष्ट्रपति लूला और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके संभावित व्यापारिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इसे “काफी नया डेवलपमेंट” बताते हुए कहा कि इसके असर का गंभीरता से अध्ययन किया जाना आवश्यक है।

BRICS करेंसी पर चर्चा से इनकार

MEA ने स्पष्ट किया कि BRICS करेंसी को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हो रही है। हालांकि, स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटान (Local Currency Settlement) को लेकर रुचि जताई गई है। राष्ट्रपति लूला ने भी हालिया इंटरव्यू में BRICS करेंसी पर किसी ठोस पहल से इनकार किया था।

बढ़ते व्यापारिक संबंध

बदलते वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य के बीच भारत और ब्राज़ील ने अपनी रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक हितों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।

राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत

राष्ट्रपति लूला का Rashtrapati Bhavan में पारंपरिक स्वागत किया गया। उनके साथ 11 मंत्रियों और 260 से अधिक व्यावसायिक प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा ब्राज़ीलियाई बिजनेस डेलीगेशन माना जा रहा है।

बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार पर जोर

दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की आवश्यकता पर भी बल दिया। भारत और ब्राज़ील, जर्मनी और जापान के साथ G4 समूह का हिस्सा हैं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग करता रहा है।

राष्ट्रपति लूला ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में भी भाग लिया और टेक्नोलॉजी सहयोग को मजबूत करने की वकालत की। प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई व्यापक द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते संरक्षणवाद और अनिश्चितता के बीच भारत और ब्राज़ील की यह रणनीतिक निकटता दोनों देशों के लिए स्थिर और संतुलित व्यापारिक वातावरण सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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Author: Deepak Mittal

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