लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बहुजन समाज पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा सरकार में कद्दावर मंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक पार्टी की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। उनके सपा में शामिल होने को प्रदेश की सियासत में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
अनीस अहमद खान समेत कई नेताओं ने थामा सपा का हाथ
इस मौके पर अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू भी सपा में शामिल हुए। अनीस अहमद खान तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा कई पूर्व विधायकों ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
वहीं, राजकुमार पाल, जो अपना दल (S) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं, ने भी सपा में शामिल होकर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह घटनाक्रम समाजवादी पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में आना दलित-मुस्लिम समीकरणों पर भी असर डाल सकता है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल तेज होने की संभावना है।
Author: Deepak Mittal









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