मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: बीजापुर में 30 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण पर CM साय का बयान

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बीजापुर/सुकमा: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 30 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि भटके हुए लोग अब हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का भरोसा जता रहे हैं

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बीजापुर में इन 30 माओवादी कैडरों ने “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल ₹85 लाख से अधिक का इनाम घोषित था।

विकास से बदली सोच

सीएम साय ने कहा कि यह सफलता बस्तर क्षेत्र में सरकार के निरंतर विकास प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। पिछले दो वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं सहित समग्र विकास को बस्तर के दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाया गया है। इन प्रयासों ने भटके युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

उन्होंने इसे सुशासन की नीति की प्रभावशीलता का उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि विश्वास और अवसरों के जरिए स्थायी शांति स्थापित करना है।

तेज़ी से विकसित हो रहा बस्तर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न, गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर अब तेज़ी से विकसित बस्तर की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आत्मसमर्पण की यह घटना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शांति बहाली की प्रक्रिया मजबूत हो रही है।

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Author: Deepak Mittal

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