चंडीगढ़: भारत को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में स्थित डेटा सेंटर्स के जरिए वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सर्विस देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स हॉलिडे का प्रस्ताव किया है। यह टैक्स छूट वर्ष 2047 तक वैध रहेगी, जिससे देश में बड़े स्तर पर निवेश आने और AI, सेमीकंडक्टर व एंटरप्राइज क्लाउड जैसे क्षेत्रों में तेज़ी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
टैक्स हॉलिडे क्या है?
टैक्स हॉलिडे का मतलब होता है किसी तय अवधि तक कुछ खास गतिविधियों या सेक्टर्स को इनकम टैक्स से छूट देना। इसका उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना, नई तकनीक को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना होता है। बजट 2026 में घोषित यह टैक्स हॉलिडे खासतौर पर डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को मजबूत करने पर केंद्रित है।
किसे मिलेगा टैक्स हॉलिडे का लाभ?
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यह छूट उन विदेशी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को मिलेगी जो
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भारत में मौजूद डेटा सेंटर्स का इस्तेमाल करते हैं
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लेकिन सर्विस भारत के बाहर के ग्राहकों को देते हैं
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भारतीय ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाएं भारतीय रीसेलर एंटिटी के जरिए दी जाएंगी, जिन पर भारत के मौजूदा टैक्स नियम लागू होंगे
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डेटा सेंटर सर्विस देने वाली भारतीय रेजिडेंट एंटिटी के लिए 15% सेफ-हार्बर प्रॉफिट मार्जिन तय किया गया है
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को भी बढ़ावा
बजट 2026 में सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान किए हैं—
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इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की शुरुआत
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इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का आउटले बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये
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इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए 2% प्रॉफिट मार्जिन सेफ हार्बर
क्या होगा असर?
इस टैक्स हॉलिडे से:
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हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स में निवेश बढ़ने की उम्मीद
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भारत का डिजिटल बैकबोन और मजबूत होगा
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AI, सेमीकंडक्टर और टेक सेक्टर में नए रोजगार और अवसर पैदा होंगे
सरकार का फोकस साफ है—डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और सेमीकंडक्टर के जरिए लॉन्ग-टर्म आर्थिक विकास को गति देना और भारत को ग्लोबल टेक इकोसिस्टम में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना।
Author: Deepak Mittal










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