नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र करीब 500 बिलियन डॉलर के निवेश के अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने वैश्विक तेल और गैस कंपनियों से “मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया और इन्वेस्ट इन इंडिया” का आह्वान किया।
गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के एनर्जी सेक्टर में पूरी एनर्जी वैल्यू चेन में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं। इस कार्यक्रम में लगभग 125 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने अपने एक्सप्लोरेशन सेक्टर को काफी हद तक खोल दिया है और गहरे समुद्र में खोज के लिए शुरू किए गए ‘समुद्र मंथन मिशन’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस दशक के अंत तक भारत तेल और गैस क्षेत्र में निवेश को 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, वहीं एक्सप्लोरेशन का दायरा बढ़ाकर 10 लाख वर्ग किलोमीटर करने की योजना है।
पीएम मोदी ने बताया कि अब तक 170 से अधिक एक्सप्लोरेशन ब्लॉक आवंटित किए जा चुके हैं और अंडमान-निकोबार बेसिन अगली बड़ी हाइड्रोकार्बन संभावनाओं के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि एक्सप्लोरेशन सेक्टर में ‘नो-गो एरिया’ घटाने सहित कई अहम सुधार किए गए हैं और इंडिया एनर्जी वीक के पिछले संस्करण में मिले सुझावों को नीतियों और नियमों में शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि एक्सप्लोरेशन सेक्टर में निवेश करने वाली कंपनियों को बेहतर रिटर्न मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमताओं में से एक है और फिलहाल वह वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है। देश की मौजूदा रिफाइनिंग क्षमता करीब 260 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) प्रति वर्ष है, जिसे बढ़ाकर 300 MMT से अधिक करने के प्रयास जारी हैं।
एलएनजी (LNG) को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और देश अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का 15 प्रतिशत एलएनजी से पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उन्होंने पूरी एलएनजी वैल्यू चेन में निवेश की जरूरत पर जोर दिया और बताया कि 70,000 करोड़ रुपये के जहाज निर्माण कार्यक्रम के तहत घरेलू स्तर पर एलएनजी परिवहन के लिए जहाज बनाए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय बंदरगाहों पर एलएनजी टर्मिनल, री-गैसिफिकेशन प्रोजेक्ट्स और पाइपलाइन नेटवर्क में भी निवेश के बड़े अवसर हैं। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के तेजी से विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक सेक्टर बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी और बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ेगी, जिसके लिए मजबूत एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि डाउनस्ट्रीम गतिविधियों में भी निवेश के व्यापक अवसर मौजूद हैं।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा, “आज का भारत रिफॉर्म्स एक्सप्रेस पर सवार है और हर सेक्टर में तेजी से सुधार कर रहा है।” उन्होंने जोर दिया कि भारत एक पारदर्शी, निवेशक-अनुकूल और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने वाला ऊर्जा इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे घरेलू जरूरतों के साथ-साथ निर्यात भी प्रतिस्पर्धी बन सके।
Author: Deepak Mittal










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