नई दिल्ली: यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कहा कि एक “सफल भारत” दुनिया को और अधिक “स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित” बनाता है। उनका यह बयान भारत और यूरोपीय संघ के 27 देशों के समूह के बीच प्रस्तावित “ऐतिहासिक” व्यापार समझौते से पहले आया है।
तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आईं वॉन डेर लेयेन ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने इसे अपने लिए “जीवन भर का सम्मान” बताया। उनके साथ यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।
वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “एक सफल भारत दुनिया को और स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और हम सभी को इसका लाभ मिलता है।” वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंगलवार को होने वाली शिखर वार्ता के लिए भारत में हैं।
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्ष बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी होने की घोषणा कर सकते हैं। इससे पहले वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक “ऐतिहासिक व्यापार समझौते” की दहलीज पर हैं, जो लगभग दो अरब लोगों का साझा बाजार बनाएगा और वैश्विक जीडीपी का करीब एक चौथाई हिस्सा होगा।
पिछले सप्ताह दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, “अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐसे ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब हैं, जिसे कुछ लोग सभी सौदों की जननी कहते हैं। यह समझौता यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक के साथ व्यापार में बढ़त देगा।”
आंकड़ों के अनुसार, यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत-ईयू के बीच द्विपक्षीय माल व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। भारत और यूरोपीय संघ ने पहली बार 2007 में मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की थी, जिसे 2013 में रोक दिया गया था। बाद में 2022 में वार्ता फिर से शुरू हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों पर टैरिफ को 110 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने की योजना बना रहा है। इसके तहत 15,000 यूरो से अधिक कीमत वाली सीमित संख्या में आयातित कारों पर टैक्स तत्काल कम किया जा सकता है, जिसे आगे चलकर 10 प्रतिशत तक लाने का प्रस्ताव है। इससे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कार कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
Author: Deepak Mittal










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