नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मतदाता होना केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है। यह हर नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपनी आवाज देने का अवसर देता है। इस अवसर पर उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास को और मजबूत करता है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों के लिए मैं भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों की प्रशंसा करता हूं। मतदाता होना केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। आइए, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी कर विकसित भारत की नींव को और मजबूत करें।”
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने ‘माय भारत’ के वॉलंटियर्स को एक पत्र भी लिखा। इसमें उन्होंने युवाओं से अपील की कि जब कोई युवा पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकरण कराए, तो उस खुशी के क्षण को मिलकर सेलिब्रेट किया जाए। पीएम मोदी ने पत्र में लिखा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र की जननी होने के नाते इसके मूल्य हमारी संस्कृति में गहराई से रचे-बसे हैं।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि देश में आम चुनावों की शुरुआत 1951 में हुई थी और 1952 के पहले चुनाव ने दुनिया को दिखाया कि लोकतांत्रिक भावना भारतीयों के स्वभाव में समाहित है। उन्होंने कहा कि मतदाता लोकतंत्र में विशेषाधिकार के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी निभाता है। मतदान के समय उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही हमारे जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं का लोकतंत्र में विशेष स्वागत होना चाहिए, क्योंकि उनके पास देश के भविष्य को बदलने की क्षमता होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि घर, मोहल्ले, अपार्टमेंट, स्कूल और कॉलेज स्तर पर नए मतदाताओं का सम्मान किया जाए और मिठाई बांटकर इस अवसर को मनाया जाए।
उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज लोकतांत्रिक मूल्यों की नर्सरी की तरह होते हैं और यहां ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे हर पात्र युवा मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सके। हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस इन गतिविधियों के लिए उपयुक्त अवसर है।
भारतीय निर्वाचन आयोग की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कराना प्रबंधन की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है और यह लोकतंत्र का उत्सव भी है। चाहे हिमालय की ऊंचाइयां हों, अंडमान-निकोबार के द्वीप हों या दूर-दराज के जंगल, हर नागरिक मतदान कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से नारी शक्ति और युवा महिलाओं की भागीदारी को समावेशी लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं से ‘मेरा युवा भारत’ या ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यह मंच देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बनेगा।
अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से संकल्प लेने की अपील की कि सभी मिलकर लोकतंत्र को और सशक्त बनाएंगे, ताकि एक विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके।
Author: Deepak Mittal









