Delhi AIIMS में जटिल सर्जरी से चमत्कार, 19.9 किलो ट्यूमर निकालकर स्टेज-4 कैंसर मरीज की जान बचाई

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Deepak Mittal

नई दिल्ली: दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 43 वर्षीय स्टेज-4 कोलन कैंसर पीड़िता को नया जीवन दिया है। डॉक्टरों ने मरीज के पेट से करीब 19.9 किलोग्राम वजनी ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचाई।

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली मुनमुन को जुलाई 2024 में पेट असामान्य रूप से फूलने की शिकायत के बाद AIIMS लाया गया था। जांच में पता चला कि वह स्टेज-4 कोलन कैंसर से पीड़ित हैं, जो पेल्विक एरिया में बड़े पैमाने पर फैल चुका था। इससे पहले वह कई अस्पतालों में इलाज करा चुकी थीं और कीमोथेरेपी के कई साइकिल भी हुए, लेकिन बीमारी लगातार बढ़ती रही। हालात इतने गंभीर थे कि उन्हें केवल 3 से 4 महीने का समय बताया गया था।

AIIMS दिल्ली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एम.डी. रे के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने 12 जनवरी को मरीज की साइटोरेडक्टिव सर्जरी की। इस दौरान मल्टी-ऑर्गन रिसेक्शन के साथ पेट में फैले पूरे ट्यूमर को हटाया गया। सर्जरी के दौरान एसेंडिंग कोलन, इलियम का हिस्सा, ट्रांसवर्स कोलन का बड़ा भाग, सिग्मॉइड कोलन, ओमेंटम, गर्भाशय, दोनों फैलोपियन ट्यूब, लिवर और पेरिटोनियम के हिस्से निकाले गए।

डॉक्टरों के अनुसार, ट्यूमर इतना बड़ा था कि CT और PET-CT स्कैन में पेट के अंदर अलग-अलग अंग पहचानना भी मुश्किल हो गया था। प्रमुख रक्त वाहिकाओं के पास सूजन और घुसपैठ के कारण सर्जरी अत्यंत जोखिम भरी हो गई थी। पहले चरण की सर्जरी के दौरान मरीज की हालत बिगड़ने पर प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने का फैसला लिया गया।

दो दिन के अंतराल के बाद 15 जनवरी को दूसरे चरण में मरीज को HIPEC (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) दी गई। इसमें 41–43 डिग्री सेल्सियस तक गर्म कीमोथेरेपी सीधे पेट की कैविटी में दी जाती है, ताकि आंखों से न दिखने वाली सूक्ष्म कैंसर कोशिकाओं को भी खत्म किया जा सके।

सर्जरी के बाद मरीज को ICU में रखा गया, जहां वह पहले ही दिन स्वस्थ महसूस करने लगी। 20 जनवरी को उसे पूरी तरह स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज कर दिया गया।

प्रो. एम.डी. रे ने कहा कि मेटास्टेटिक कोलन कैंसर को बिना विशेषज्ञ जांच के लाइलाज नहीं मानना चाहिए। सही समय पर, अनुभवी सर्जनों और उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों में इलाज से ऐसे मामलों में भी जीवन बचाया जा सकता है।

गौरतलब है कि भारत में कोलन कैंसर महिलाओं में तीसरा और पुरुषों में छठा सबसे आम कैंसर है। इसके प्रमुख कारणों में तंबाकू और शराब का सेवन, असंतुलित जीवनशैली, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, खराब खानपान और लंबे समय तक तनाव शामिल हैं।

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Author: Deepak Mittal

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