सोना गबन मामला: ED की बड़ी कार्रवाई, 21 ठिकानों पर छापेमारी, तांबे की प्लेट बताकर निकाला गया सोना

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कोच्चि: सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोने और अन्य संपत्तियों के कथित गबन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की कोच्चि जोनल ऑफिस ने मंगलवार को केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में कुल 21 ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत छापेमारी की। यह कार्रवाई केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर की जा रही जांच का हिस्सा है।

ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व प्रशासकों, निजी व्यक्तियों और जौहरियों की मिलीभगत से एक सुनियोजित आपराधिक साजिश को अंजाम दिया गया। आरोप है कि सबरीमाला मंदिर की सोने की परत चढ़ी पवित्र कलाकृतियों—जिनमें द्वारपालक मूर्तियों के हिस्से, पीठ (पेडेस्टल) और गर्भगृह के दरवाजे के फ्रेम पैनल शामिल हैं—को आधिकारिक रिकॉर्ड में जानबूझकर केवल “तांबे की प्लेट” के रूप में दर्ज किया गया।

जांच के अनुसार, 2019 से 2025 के बीच इन कलाकृतियों को गुप्त रूप से मंदिर परिसर से हटाया गया और चेन्नई व कर्नाटक स्थित निजी ज्वैलरी इकाइयों, जैसे स्मार्ट क्रिएशन्स और रोड्डम ज्वैलर्स, में ले जाया गया। वहां “मरम्मत और री-गोल्ड प्लेटिंग” के नाम पर रासायनिक प्रक्रिया के जरिए सोना निकाला गया। ईडी का कहना है कि निकाला गया सोना अपराध की आय है, जिसे आरोपियों ने अपने पास रखा, इधर-उधर स्थानांतरित किया और छिपाया।

ईडी ने इस मामले में टीडीबी मुख्यालय (तिरुवनंतपुरम), मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, पूर्व टीडीबी अध्यक्ष ए. पद्मकुमार, मुरारी बाबू, एन. वासु, तांत्री कंदारारु राजीवरु समेत कई आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली। छापेमारी के दौरान टीडीबी अधिकारियों द्वारा तैयार महाजर, आधिकारिक रिकॉर्ड, 2019-2024 के आदेश, पत्राचार, जौहरियों के चालान, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और रासायनिक निष्कर्षण से संबंधित प्रमाण पत्र जब्त किए गए हैं।

ईडी ने मुख्य आरोपी की करीब 1.3 करोड़ रुपये की आठ अचल संपत्तियों को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज कर दिया है। वहीं, चेन्नई स्थित स्मार्ट क्रिएशन्स परिसर से 100 ग्राम की सोने की ईंट भी बरामद की गई है।

ईडी का कहना है कि उसका उद्देश्य अपराध से अर्जित पूरी संपत्ति का पता लगाना, मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क को ट्रेस करना और इस घोटाले से जुड़े अन्य लाभार्थियों की पहचान करना है। गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2019 से चर्चा में है। केरल हाई कोर्ट की निगरानी में गठित एसआईटी अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले में ईसीआईआर दर्ज की थी।

जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला केवल सोने के गबन तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर की संपत्ति, चढ़ावे और अनुष्ठानों से जुड़ी आय में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की ओर भी इशारा करता है। सबरीमाला भगवान अय्यप्पा का प्रमुख तीर्थस्थल होने के कारण इस खुलासे से भक्तों में भारी रोष है। फिलहाल ईडी द्वारा आगे की जांच जारी है।

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Author: Deepak Mittal

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