कैलिफ़ोर्निय: अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के बरबैंक शहर से रिकॉर्ड की गई एक रोमांचक फुटेज इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय किसी जलते हुए उल्कापिंड की तरह आसमान में चमकता हुआ नजर आ रहा है। यह दृश्य देखकर कई लोग हैरान रह गए और कुछ पल के लिए इसे प्राकृतिक खगोलीय घटना समझ बैठे।
जानकारी के अनुसार, ड्रैगन कैप्सूल करीब 8 किलोमीटर प्रति सेकेंड (लगभग 17,900 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से धरती की ओर लौट रहा था। इतनी तेज गति से वायुमंडल में प्रवेश के दौरान कैप्सूल के चारों ओर घर्षण के कारण आग जैसी चमक उत्पन्न होती है, जिसे तकनीकी भाषा में री-एंट्री प्लाज़्मा इफेक्ट कहा जाता है। इसी कारण यह दृश्य जलते हुए अग्नि-पिंड या टूटते तारे जैसा प्रतीत हुआ।
बरबैंक से कैप्चर किए गए वीडियो में रात के अंधेरे आसमान में एक चमकदार वस्तु तेज़ी से आगे बढ़ती दिखाई देती है, जिसके पीछे आग की लकीर जैसी पूंछ नजर आती है। कुछ ही सेकंड में यह क्षितिज की ओर ओझल हो जाती है। बाद में पुष्टि हुई कि यह कोई उल्कापिंड नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से मिशन पूरा कर लौट रहा स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल था।
री-एंट्री के बाद ड्रैगन कैप्सूल ने कैलिफ़ोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से स्प्लैशडाउन किया। स्पेसएक्स की रिकवरी टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कैप्सूल को समुद्र से बाहर निकाल लिया। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रैगन कैप्सूल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह वायुमंडल में प्रवेश के दौरान हजारों डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाले तापमान और अत्यधिक दबाव को सहन कर सके। इसके लिए इसमें विशेष हीट शील्ड का इस्तेमाल किया गया है, जो अंदर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों और उपकरणों को सुरक्षित रखती है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूज़र्स ने इसे “धरती पर लौटता तारा” बताया, तो कुछ ने विज्ञान और तकनीक की अद्भुत उपलब्धि करार दिया। अंतरिक्ष विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम लोगों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि और जिज्ञासा बढ़ाती हैं। स्पेसएक्स की यह सफल वापसी इस बात का प्रमाण है कि निजी अंतरिक्ष कंपनियां अब जटिल अंतरिक्ष अभियानों को भी सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से अंजाम देने में सक्षम हैं।
Author: Deepak Mittal









Total Users : 8183727
Total views : 8216319