शिमला: हिमाचल प्रदेश में बच्चों की सेहत को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। खांसी और एलर्जी के इलाज में इस्तेमाल होने वाला एलमोंट किड कफ सिरप अब प्रदेश में पूरी तरह बैन कर दिया गया है। जांच में इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे अत्यंत जहरीले रसायन की मौजूदगी पाए जाने के बाद औषधि नियंत्रक प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
लैब रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
औषधि नियंत्रक प्रशासन के मुताबिक, प्रयोगशाला जांच में सिरप के सैंपल में 1.48 प्रतिशत एथिलीन ग्लाइकोल पाया गया है। यह रसायन मानव शरीर, खासकर बच्चों के लिए बेहद घातक माना जाता है। इसकी थोड़ी मात्रा भी किडनी फेलियर, न्यूरोलॉजिकल डैमेज और यहां तक कि मौत का कारण बन सकती है।
तुरंत प्रभाव से बिक्री, खरीद और उपयोग पर रोक
प्रशासन ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि
👉 इस सिरप की बिक्री, खरीद, वितरण और उपयोग
👉 हिमाचल प्रदेश में किसी भी सूरत में नहीं किया जाएगा
दवा विक्रेताओं, अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को भी अलर्ट कर दिया गया है।
पांचवीं कफ सिरप जिस पर लगी रोक
गौर करने वाली बात यह है कि हाल के दिनों में यह पांचवीं कफ सिरप है, जिस पर खतरनाक रसायन पाए जाने के बाद प्रतिबंध लगाया गया है। इससे दवा निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कहां बनी थी यह दवा?
जानकारी के अनुसार यह दवा
-
निर्माता: एमएस ट्राइडेंट रेमेडीज
-
स्थान: बिहार
-
बैच नंबर: AL-24002
-
निर्माण तिथि: जनवरी 2025
-
एक्सपायरी: दिसंबर 2026
इसी बैच को लेकर प्रशासन ने सबसे ज्यादा चिंता जताई है।
औषधि नियंत्रक का बयान
राज्य औषधि नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने कहा,
“इस दवा में पाई गई अशुद्धि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। एहतियातन इसके हर तरह के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।”
अभिभावकों के लिए अलर्ट
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि
-
अगर यह सिरप घर में मौजूद हो,
-
तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद करें
-
और नजदीकी मेडिकल स्टोर या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8141823
Total views : 8154235