EPFO पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी! 11 साल से अटकी सैलरी लिमिट पर केंद्र को 4 महीने का अल्टीमेटम

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Deepak Mittal

नई दिल्ली: कर्मचारियों की भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी EPFO योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर सख्ती दिखाई है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि EPFO की सैलरी लिमिट पर वर्षों से कोई फैसला नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। अब शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को 4 महीने के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

 11 साल से जस की तस है सैलरी लिमिट

फिलहाल EPFO में 15,000 रुपये मासिक वेतन सीमा तय है। इसका सीधा असर यह है कि इससे अधिक सैलरी पाने वाले लाखों कर्मचारी EPFO के दायरे से बाहर हो जाते हैं। अदालत को बताया गया कि यह सीमा करीब 11 साल पहले तय की गई थी, जबकि इस दौरान

  • महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है

  • कई राज्यों में न्यूनतम वेतन भी 15 हजार से ज्यादा हो गया है

इसके बावजूद नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

 याचिका से उठा बड़ा सवाल

यह अहम मामला सामाजिक कार्यकर्ता नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट के सामने आया। सुनवाई के दौरान पीठ ने माना कि यह केवल तकनीकी नियमों का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर आदेश की प्रति के साथ केंद्र सरकार को लिखित प्रस्तुति सौंपे।

 लाखों कर्मचारी EPFO से बाहर

याचिका में कहा गया है कि मौजूदा वेतन सीमा के कारण संगठित क्षेत्र के बड़ी संख्या में कर्मचारी भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसे लाभों से वंचित रह जाते हैं। इससे EPFO योजना का मूल उद्देश्य—
👉 कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देना—
खुद कमजोर पड़ जाता है।

 नियमों में समय-समय पर बदलाव क्यों नहीं?

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि—

  • वेतन सीमा में नियमित अंतराल पर संशोधन नहीं किया गया

  • कभी 10 तो कभी 14 साल बाद अचानक बदलाव हुआ

  • न महंगाई दर, न न्यूनतम वेतन और न आय वृद्धि को आधार बनाया गया

 पहले भी आ चुकी हैं सिफारिशें

यह मुद्दा नया नहीं है।

  • संसद की लोक लेखा समिति

  • EPFO की आंतरिक समिति

पहले ही वेतन सीमा बढ़ाने की सिफारिश कर चुकी हैं।
साल 2022 में इन सुझावों को मंजूरी भी मिली, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

 कर्मचारियों में जगी नई उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि अब केंद्र सरकार फैसला लेने को मजबूर होगी।
अगर वेतन सीमा बढ़ती है तो—
✔️ लाखों कर्मचारी EPFO के दायरे में आएंगे
✔️ भविष्य निधि और पेंशन मजबूत होगी
✔️ सामाजिक सुरक्षा को नया सहारा मिलेगा

अब सभी की निगाहें आने वाले 4 महीनों पर टिकी हैं, जो EPFO से जुड़े इस बड़े फैसले की दिशा तय करेंगे।

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Author: Deepak Mittal

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