नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की रिटेल दिग्गज कंपनी ट्रेंट लिमिटेड (Trent Limited Share) के शेयरों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 6 जनवरी को बाजार खुलते ही यह स्टॉक 8 फीसदी तक लुढ़क गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। पिछले 6 महीनों से गिरावट के दौर में फंसा यह शेयर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
सोमवार को ट्रेंट के शेयर 4,429 रुपये पर बंद हुए थे, लेकिन मंगलवार को यह 4,208 रुपये पर खुले और कुछ ही देर में 4,060 रुपये के निचले स्तर तक फिसल गए। फिलहाल स्टॉक करीब 4,124 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।
6 महीने से जारी है गिरावट का सिलसिला
ट्रेंट के शेयरों में कमजोरी कोई नई बात नहीं है। जुलाई 2025 में इस स्टॉक ने अपना 200 DMA लेवल तोड़ दिया था, जिसके बाद से यह उस स्तर तक दोबारा नहीं पहुंच पाया। लगातार दबाव के चलते निवेशकों का भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है।
Q3 अपडेट के बाद क्यों टूटा Trent?
5 जनवरी को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने तीसरी तिमाही (Q3) का बिजनेस अपडेट जारी किया। इसके मुताबिक,
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स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 17% बढ़कर 5,220 करोड़ रुपये पहुंच गया।
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पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 4,466 करोड़ रुपये था।
31 दिसंबर 2025 तक ट्रेंट के पास—
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278 Westside स्टोर्स
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854 Zudio स्टोर्स
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अन्य लाइफस्टाइल कॉन्सेप्ट के 32 स्टोर्स मौजूद हैं।
Q3 में कंपनी ने Westside के 17 और Zudio के 48 नए स्टोर्स खोले, लेकिन इसके बावजूद बाजार को यह ग्रोथ रास नहीं आई और शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली।
ब्रोकरेज का क्या है नजरिया?
घरेलू ब्रोकरेज फर्म HDFC Securities ने ट्रेंट को लेकर पहले ही सतर्क रुख अपनाया था। ब्रोकरेज का मानना है कि—
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Westside बिजनेस में सुस्ती के संकेत दिखने लगे हैं
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Zudio अपनी ऑपरेशनल क्षमता के चरम के करीब पहुंच चुका है
हालांकि, रिकॉर्ड हाई से करीब 50% टूटने के बाद ब्रोकरेज ने ट्रेंट की रेटिंग को अपग्रेड कर ‘Add’ कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस 4,700 रुपये तय किया है।
निवेशकों के लिए चिंता या मौका?
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पिछले 6 महीनों में शेयर ने 25% नेगेटिव रिटर्न दिया
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1 साल में यह स्टॉक 40% से ज्यादा टूट चुका है
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लेकिन 5 साल में यही शेयर करीब 500% रिटर्न देकर मल्टीबैगर साबित हुआ है
Author: Deepak Mittal










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