“एक कॉल… और खून से लाल हुआ खेत”

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गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में हुए किसान वकील उर्फ लीलू हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। अब पुलिस ने इस अंधे कत्ल से पर्दा उठा दिया है। जांच में जो सच सामने आया है, वह जलन, शक और महिला कनेक्शन से जुड़ा खौफनाक खेल बयां करता है।

पुलिस के मुताबिक, इस निर्मम हत्या की वजह एक महिला मित्र से बातचीत को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश थी। आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

 मुठभेड़ में दबोचा गया कातिल

एसीपी मसूरी अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फरार आरोपी गुलहसन भोवापुर इलाके में देखा गया है।
जब पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने भागते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी

👉 जवाबी कार्रवाई में

  • पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी

  • घायल हालत में उसे गिरफ्तार कर लिया गया

आरोपी के पास से

  • तमंचा,

  • कारतूस

  • और बाइक बरामद की गई है।

 महिला को लेकर बढ़ी दुश्मनी, 6 महीने पहले भी हुआ था झगड़ा

पूछताछ में आरोपी गुलहसन ने जो कहानी बताई, उसने पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा दी।
उसने कबूल किया कि—

  • उसकी एक महिला मित्र है

  • किसान वकील उससे फोन पर बात करता था

  • गुलहसन को शक था कि वकील महिला को परेशान कर रहा है

इसी बात को लेकर
👉 6 महीने पहले भी दोनों के बीच मारपीट हो चुकी थी।

 खेत में हुई बहस, हथौड़े से किया जानलेवा वार

रविवार को जब दोनों खेत में आमने-सामने मिले, तो एक बार फिर उसी महिला को लेकर गाली-गलौज शुरू हो गई
गुस्से से बेकाबू गुलहसन ने
👉 पास पड़े हथौड़े से वकील के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया

भारी चोट लगने से
➡️ किसान वकील की मौके पर ही मौत हो गई

 खेत में मिला शव, बेटे ने जताई थी हत्या की आशंका

सोमवार दोपहर

  • भदौली के खेतों में किसान वकील का शव मिला

  • वह एक दिन से लापता था

  • परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे

शव के सिर पर गहरे जख्म देखकर
👉 परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी।

मृतक के बेटे समीर की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद अब पूरा मामला उजागर हो गया।

 शक, जलन और गुस्से ने ले ली एक जान

यह हत्याकांड साफ तौर पर दिखाता है कि

शक और जलन जब हद पार कर जाए, तो इंसान हैवान बन जाता है।

अब पुलिस आरोपी के खिलाफ
👉 हत्या, आर्म्स एक्ट और पुलिस पर फायरिंग जैसे गंभीर मामलों में आगे की कार्रवाई कर रही है।

गाजियाबाद का यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—
क्या एक शक किसी की पूरी जिंदगी खत्म करने की वजह बन सकता है?

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Author: Deepak Mittal

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