रायपुर: राजधानी रायपुर में हेरोइन की अवैध बिक्री और तस्करी के मामले में विशेष अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए एक महिला सहित दो आरोपियों को 5-5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपियों को 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कॉलेज और नौकरीपेशा युवाओं को अपना टार्गेट बनाकर हेरोइन की सप्लाई करते थे। कश्मीर सिंह उर्फ सीरा बाहरी राज्यों से हेरोइन लाकर रायपुर में खपाता था, जबकि शादिका बेगम ड्रग्स को मोहल्ले के युवाओं और अन्य ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करती थी।
विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू ने बताया कि 25 जनवरी 2025 को गुढ़ियारी थाना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक हेमकुमार ठाकुर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दुर्गा चौक, बड़ा अशोक नगर स्थित एक मकान में शादिका बेगम हेरोइन की बिक्री कर रही है। सूचना को रोजनामचा में दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और गवाहों की मौजूदगी में दबिश की योजना बनाई गई।
पुलिस टीम ने शादिका बेगम के घर दबिश दी, जहां तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 31.12 ग्राम हेरोइन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, एक मोबाइल फोन और 25 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ में शादिका ने स्वीकार किया कि वह यह नशीला पदार्थ कश्मीर सिंह से लेकर बिक्री करती थी और उससे मिली रकम उसे सौंपती थी।
मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत (एनडीपीएस एक्ट) ने कहा कि इस प्रकार के अपराध न केवल व्यक्ति बल्कि समाज और देश के लिए भी अत्यंत घातक हैं। बरामद हेरोइन की मात्रा और अपराध की गंभीरता को देखते हुए साधारण सजा न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर सकती। अदालत ने शादिका बेगम और कश्मीर सिंह उर्फ सीरा को धारा 21(बी) एवं धारा 29 सहपठित धारा 21(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
Author: Deepak Mittal










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