इंडिगो में हाल ही में पैदा हुए बड़े परिचालन संकट के बीच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अपने चार फ्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टरों (FOI) को तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई उन अनियमितताओं के मद्देनज़र की गई है, जिनके चलते दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो की हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
DGCA ने जिन चार अधिकारियों को सस्पेंड कर मूल संगठनों में भेजने का आदेश दिया है, उनमें शामिल हैं—
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ऋषिराज चटर्जी – कंसल्टेंट (Deputy Chief FOI)
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सीमा झमनानी – सीनियर FOI
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अनिल कुमार पोखरियाल – कंसल्टेंट (FOI)
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प्रियम कौशिक – कंसल्टेंट (FOI)
11 दिसंबर को जारी आदेश में कहा गया कि ये अधिकारी तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त होंगे।
क्या है इंडिगो संकट?
दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो की उड़ान सेवाएं गंभीर रूप से बाधित हुईं।
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केवल 5 दिसंबर को ही 1500 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं।
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इस वजह से हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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उड़ानों की कमी के कारण हवाई किरायों में भी भारी उछाल देखने को मिला, जबकि सरकार ने दूरी के हिसाब से किराए की सीमा तय कर रखी है।
संकट पर सरकार की कार्रवाई
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केंद्र सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय कमिटी बनाई है।
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DGCA ने इंडिगो को अपने विंटर शिड्यूल में 10% उड़ानें कम करने का आदेश दिया है, ताकि परिचालन व्यवस्था पर दबाव कम हो सके।
DGCA का यह कदम इंडिगो संकट की गंभीरता और विमानन सुरक्षा की प्राथमिकता को दर्शाता है। यह स्पष्ट संदेश है कि परिचालन चूक या निगरानी में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय है।
Author: Deepak Mittal









