ChatGPT का नया फीचर करेगा धमाका, बनेगा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, WhatsApp-Telegram की छुट्टी तय!

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में क्रांति लाने वाला चैटबॉट ChatGPT जल्द ही एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार ChatGPT को बनाने वाली कंपनी OpenAI अब इसे केवल एक AI असिस्टेंट तक सीमित नहीं रखना चाहती बल्कि इसे एक पूर्ण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में बदलने की योजना बना रही है।

इस दिशा में पहला बड़ा कदम डायरेक्ट मैसेजिंग (DM) फीचर हो सकता है जो आने वाले समय में मौजूदा सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

बीटा वर्जन में दिखा नया केलपिको फीचर

रिपोर्ट्स के मुताबिक ChatGPT के एंड्रॉयड बीटा वर्जन में एक नया फीचर देखा गया है जिसे ‘केलपिको’ या ‘केलपिको रूम्स’ नाम दिया गया है। यह फीचर यूज़र्स को सीधे चैटजीपीटी के अंदर ही आपस में बातचीत (कम्युनिकेट) करने की सुविधा देगा। यह सुविधा OpenAI की सोरा (Sora) ऐप पर पहले से मौजूद है जहां यूज़र्स वीडियो प्रोजेक्ट्स पर चर्चा के लिए एक-दूसरे को मैसेज भेज सकते हैं। अगर यह फीचर ChatGPT में आता है तो यह प्लेटफॉर्म क्रिएटर्स, प्रोफेशनल्स और डेवलपर्स के लिए एक सहयोगी कार्यक्षेत्र (Collaborative Workspace) बन जाएगा जहां वे AI की मदद से काम करते हुए सीधे संवाद भी कर सकेंगे।

ग्रुप चैट और एनक्रिप्शन पर सवाल

डायरेक्ट मैसेज के साथ-साथ यह भी संभावना है कि यूज़र्स को ग्रुप चैट बनाने का विकल्प भी मिल सकता है। हालांकि इस नए मैसेजिंग फीचर के संबंध में एक महत्वपूर्ण जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है: क्या ये मैसेज एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होंगे? सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि व्हाट्सऐप, सिग्नल और टेलीग्राम जैसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स यूज़र्स का भरोसा जीतने के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की सुविधा देते हैं। OpenAI को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को टक्कर देने के लिए यूज़र की गोपनीयता पर ध्यान देना होगा।

ChatGPT की फंक्शनलिटी में लगातार विस्तार

DM फीचर की यह खबर ऐसे समय में आई है जब OpenAI लगातार ChatGPT की क्षमताओं को बढ़ा रहा है। कंपनी हाल ही में कई बड़े अपडेट लाई है:

ऐप्स SDK: डेवलपर्स के लिए एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK) पेश किया गया था जिससे वे सीधे ChatGPT के भीतर ही कस्टम AI-पावर्ड ऐप्स बना सकते हैं।

ऑटोनोमस एजेंट: ये ऐसे AI एजेंट हैं जो यूज़र्स की ओर से वेब ब्राउजिंग करना, फॉर्म भरना और जटिल ऑनलाइन कार्यों को पूरा करने जैसे स्वायत्त (Autonomous) कार्य करने में सक्षम हैं।

इन लगातार हो रहे बदलावों से साफ है कि OpenAI सिर्फ एक AI टूल नहीं बल्कि एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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Author: Deepak Mittal

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