केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ की शुरुआत — बस्तर और सरगुजा के 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ेंगे
अमित शाह बोले – “बस्तर से नक्सलवाद का अंत शीघ्र होगा, विकास और विश्वास के मार्ग पर तेजी से बढ़ेगा नया छत्तीसगढ़”
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देने और ग्रामीण परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर एक ऐतिहासिक पहल की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने नई यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और क्षेत्रवासियों को इस विशेष योजना के लिए शुभकामनाएं दीं।
श्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, “बस्तर से नक्सलवाद का अंत शीघ्र होगा और यह क्षेत्र अब शांति, समृद्धि और विकास की नई कहानी लिखेगा। डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ के हर सुदूर अंचल को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से अब 250 गांवों के लोग अपने निकटवर्ती सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अस्पतालों तक आसानी से पहुंच पाएंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि, “हमारी सरकार जनसुविधाओं को बढ़ाने और ग्रामीण अंचलों को शहरों से जोड़ने के लिए तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य उन गांवों तक बस सेवा पहुंचाना है, जहां अब तक कोई यात्री सुविधा नहीं थी।” उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी और रोज़मर्रा के कामकाज में सहूलियत प्रदान करेगी।
पहला चरण: बस्तर और सरगुजा पर फोकस
योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी गई है। कुल 34 मार्गों पर 34 बसों का संचालन प्रारंभ होगा, जिससे 11 जिलों के 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ेंगे। यह पहल उन इलाकों के लिए वरदान साबित होगी जहां सड़क संपर्क सीमित है और ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी।
ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक बस कनेक्टिविटी
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों से लेकर जिला मुख्यालयों तक निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक सरल पहुँच मिलेगी।
सरकार ने योजना के संचालन को टिकाऊ बनाने के लिए बस संचालकों को वायबिलिटी गैप फंडिंग (Viability Gap Funding) देने का प्रावधान किया है, ताकि वे दूरस्थ इलाकों में भी निरंतर सेवा दे सकें। इससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
250 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोड़ने की उपलब्धि
यह योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। लगभग 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ रहे हैं, जिससे लोगों को निजी वाहनों या पैदल यात्रा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही सामाजिक समानता को भी बढ़ावा देगा।
समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे।”
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना न केवल परिवहन सुविधा देने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।
Author: Deepak Mittal










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