निर्मल अग्रवाल ब्यूरो चीफ मुंगेली 8959931111
मुंगेली- एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के आज 22वें दिन रोटी सम्मान न्याय गारंटी से प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सेवा के बदले सम्मान दो, हमारी रोटी सुरक्षित करो के नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर सरकार को जगाने का प्रयास किया।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज 22वां दिन है इसके बाद भी सवाल द्वारा हमारी मांगो पर लिखित मे अमल नहीं किया जा रहा है! इसलिए प्रतिदिन अलग-अलग तरीके से जगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार के दमनकारी नीति के चलते राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों का आक्रोश दिन ब दिन दुगुनी होते जा रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल होते जा रहा है। आलम यह है कि जितना सरकार हड़ताली कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है उतना ही दुगुने जोश के साथ लगातार आज आंदोलन के 22वे दिन भी धरना स्थल आगर खेल परिसर मुंगेली में सरकार से अपनी मांगे मनवाने डटे रहे।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर 22वें दिन जिला अध्यक्ष पवन निर्मलकर ने मुंगेली जिले के समस्त कर्मचारियों में मजबूती के साथ तन्मयता से आंदोलन में अग्रसर होने के लिए सकारात्मक ऊर्जा के संचार की बात कही! जिससे आंदोलकारियों के साहस में चैगुनी वृद्धि हुई तथा पदाधिकारियों द्वारा यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न अधिकारी कर्मचारी संगठन, सामाजिक संगठन द्वारा हमारे आंदोलन का समर्थन किया गया है अब हमारा आंदोलन सिर्फ हमारा न हो करके जन आंदोलन होने की ओर अग्रसर हो रहा है धैर्य रखे निश्चित ही हमारी जीत होगी।
वही 4 सितम्बर को संचालनालय स्वास्थ्य छत्तीसगढ़ के द्वारा स्वास्थ्य एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन के चलते कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को आगामी आदेश तक किया स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि वर्तमान सत्ताधारी पार्टी जब विपक्ष में थी तब पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री से पत्राचार करते हुए आंदोलनरत संविदा कर्मचारियों के संविलियन के लिए पत्राचार किया था जो आज सत्ता में बैठे हुए है तो क्यों नहीं कर रही इनका संविलियन? ऐसा लगता है जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों का संविलियन या नियमितीकरण राजनीति की भेट चढ़ गया हो। संघ के डॉ भास्कर सिंह राठौर ने बताया कि जब तक 10 सूत्रीय मांगों पर लिखित आदेश नहीं मिल जाता, हड़ताल अनवरत जारी रहेगा।
सरकार हमारी मागों को पूरा करने में संवेदनशीलता नहीं दिखाएगी तो अब तो हमारा आंदोलन सिर्फ हमारा आंदोलन नहीं बल्कि जन आंदोलन का स्वरूप लेगी। इसलिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से हमारा मार्मिक अपील है कि हमारे मांगों के संबंध में स्वयं संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप कर 10 सूत्रीय मांगों को पूरा कर हमे आर्थिक, सामाजिक एवं जॉब सुरक्षा प्रदान करे, कर्मचारियों ने बताया कि सरकार ने कमेटी पिछले तीन बार बनाया, लेकिन कमेटी का रिपोर्ट आज तक नहीं आया, अब हमें कमेटी के धोखे में नहीं आना है, अब हमें आश्वासन नहीं आदेश चाहिये।
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खोखली गारंटी, झूठा प्रचार- कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार 10 में से 5 मांगें पूरी होने का दावा कर रही है, लेकिन एक भी लिखित आदेश जारी नहीं हुआ। स्वास्थ्य मंत्री पर अधिकारियों द्वारा गुमराह करने का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने इसे धोखे की साजिश करार दिया। एनएचएम कर्मचारी संघ ने आंदोलन को रायपुर तक ले जाने और उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस अवसर पर समस्त एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
Author: Deepak Mittal










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