ग्राम धनगांव में साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बालोद : साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों को लेकर बालोद पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत गुरुवार को थाना लोहारा क्षेत्र के ग्राम धनगांव में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के “वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान” के तहत भारतीय स्टेट बैंक और अन्य बैंकों के सहयोग से हुआ।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों, सरपंच, पंच और स्कूली छात्र-छात्राओं को एसडीओपी देवांश सिंह राठौर और थाना प्रभारी लोहारा मुकेश सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने साइबर अपराधों से बचने के उपाय विस्तार से बताए।

लोगों को समझाया गया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी लिंक या फर्जी ऑफर पर भरोसा न करें। ऑनलाइन शॉपिंग केवल वैध ई-कॉमर्स वेबसाइट से ही करें। शिविर में यह भी बताया गया कि .apk फाइल आपके मोबाइल से डेटा चोरी कर सकती है, बैंकिंग ऐप्स को हैक कर सकती है और स्पाईवेयर इंस्टॉल कर सकती है। इसलिए “Unknown Sources” से इंस्टॉलेशन की अनुमति हमेशा बंद रखें।
ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत हेतु 1930 नंबर या www.cybercrime.gov.in पर तुरंत रिपोर्ट करने की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर जागरूक रहने के लिए ‘साइबर प्रहरी’ और ‘साइबर दोस्त’ को सोशल मीडिया पर फॉलो करने की अपील की गई।
यातायात नियमों की जानकारी

शिविर में ग्रामीणों को यातायात नियमों के महत्व से भी अवगत कराया गया। पुलिस टीम ने लोगों से अपील की कि कम उम्र के बच्चों को वाहन न चलाने दें, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करें तथा अन्य नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं से बचें।
सुरक्षित और कानून-सचेत समाज की दिशा में प्रयास
एसडीओपी देवांश सिंह राठौर और थाना प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया कि बालोद जिले में इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। उनका उद्देश्य है कि समाज को साइबर अपराध, नशे की प्रवृत्ति और यातायात दुर्घटनाओं से बचाकर साइबर सुरक्षित, नशामुक्त और कानून-सचेत समाज का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रीजनल डायरेक्टर रिनी अजीत, विभिन्न बैंकों के ब्रांच मैनेजर, थाना लोहारा स्टाफ, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक रुमलाल चुरेंद्र, आरक्षक रविकांत सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

Author: Deepak Mittal
