प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न केवल जरूरतमंद लोगों को पक्के मकान देने में सफल रही है, बल्कि इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है। योजना के तहत आज लाखों परिवारों को उनके सपनों का आशियाना मिल चुका है, जहां वे सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन बिता रहे हैं।
इस योजना की एक विशेष उपलब्धि यह रही है कि इसके माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है। सरगुजा जिले में बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़कर निर्माण सामग्री की आपूर्ति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इन महिलाओं ने समूहों से ऋण लेकर ईंट, सीमेंट, गिट्टी, छड़, सेंटरिंग प्लेट्स और मिक्सर मशीन जैसी निर्माण सामग्री हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही है।
ईंट निर्माण के क्षेत्र में 281 दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है, जिनकी बनाई ईंटों का उपयोग आवास निर्माण में किया गया। वहीं 413 दीदियों ने बैंक लिंकेज और समूह ऋण के माध्यम से सेंट्रिंग प्लेट्स किराए पर देने का व्यवसाय शुरू किया है। कुछ महिलाओं ने अपने परिवार के सहयोग और ऋण राशि की मदद से सीमेंट मिक्सर मशीन खरीदी है और उन्हें किराए पर लगाया है। साथ ही कुछ दीदियों द्वारा सीमेंट, गिट्टी और छड़ जैसी सामग्री भी ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर ही निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त हो रही है।
इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसका परिणाम यह है कि जिले की कुल 465 महिलाएं अब ‘लखपति दीदी क्लब’ में शामिल हो चुकी हैं। इन महिलाओं ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अवसर प्रदान किया है। महिलाओं ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह योजना उनके लिए केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मानपूर्ण जीवन जीने का रास्ता है।
Author: Deepak Mittal










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