मद्देड़ एरिया कमेटी के सचिव – बूच्चना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया

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Deepak Mittal

नवभारत टाइम्स जिला बीजापुर ब्युरो प्रमुख

बीजापुर:- भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी ( माओवादी) मद्देड़ एरिया कमेटी के सचिव – बूच्चना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है।
विज्ञप्ति में कहा है कि केंद्र – राज्य में ब्राह्मणीय हिन्दूत्व फासीवादी भाजपा मोदी – विष्णुदेव साय सरकार जनता पर अमानवीय फासीवादी दमन चला रही है। २० जनवरी २०२४ को बासागुड़ा थाना अंतर्गत बेल्लमनेड्रा गांव में सुबह ७ बजे भूमि समतलीकरण करने जा रहे जनता को भगआ- भगा कर ९ जो लोग पकड़े। इनमें से गोट्टुम गांव का कार्य कोसा ( पिता- गंगा,मां- मासे), मड़कम सोनी( पिता- कला,मां- बुधरी), नेड्रा गांव का पूनेम नागी( पिता- बिच्छेम, मां- मंगली), इन ३ ग्रामीण को पकड़कर निर्मम तरीके से यातना देकर हत्या किए है, और बारसे कमलेश,रेंगो हिड़मे,कलमू जोगी,उयका जिम्मो,उयका बुद्धि,पोड़ियम छोटु ये ६ जन को पुलिस के हिरासत में रखकर प्रताड़ित कर रहे हैं। इसके पहले भी ८ जनवरी २०२४ को तिम्मापूर गांव की जनता भूमि समतलीकरण करने के लिए गांव में जमा हुए थे। तिम्मापूर केंप पुलिस मोटरसाइकिल से जाकर भगा-भगा कर ४ जन अवलम मंगू , मड़कम सोमा,पदाम पांडू, अवलम भीमा को पकड़कर गंभीर रूप से पिटाई कर बासागुड़ा थाना में ले गये। २ दिन जनता लड़ कर उनको छुड़ाकर लाये। साधारण ग्रामीणों को मार कर फिर “नक्सली” पुलिस जवानों के बीच मुठभेड़ हुई,इस मुठभेड़ में ३ नक्सलियों को मार गिराता। घटनास्थल से सर्चिंग करने के बाद ३ नक्सलियों का शव के साथ बड़ी मात्रा में हथियार भरमार बंदूक, देशी कट्टा, जिलेटिन आदि सहित माओवादी संगठन का प्रचार -प्रसार करने का सामान बरामद किए।इस तरह का मनगढ़ंत कहानी इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में प्रचार कर रही है। यह सरासर झूठ है। पुलिस का यह कहना भी सराहा झूठ है कि मद्देड़ एरिया कमेटी के २०-२५ सशस्त्र नक्सली वहां मौजूद रहे कर मीटिंग चला रहे थे। क्योंकि इस वक्त हमारे पीएलजीए के कोई साथी वहां नहीं है। साधारण ग्रामीणों को निर्मम हत्या करके जवानों की बड़ी कामयाबी मिलने दावा सफेद झूठ है।
हाल ही बीजापुर जिले के अंदरूनी गांवो में रोड,पुल- पुलिया, मोबाइल टॉवर , नया पुलिस कैंपों को बिठाकर आदिवासी जनता पर दिन-प्रतिदिन हमलाएं करना, मारपीट करना,जेल भेजना, महिलाओं के साथ सामुहिक अत्याचार व हत्या करना, दुधमुंही बच्चों को मारना, पुलिस फोर्स के लिए आम बात बन गया है।
इस लिए हम छात्र- नवजवानों, प्रगतिशील बुद्धिजीवियों,जनपक्षधर पत्रकारों, देशभक्त लोग, सामाजिक संगठन व कार्यकर्ताओं, आदिवासी हितैषी, आदिवासी संगठनों, महिलाओं, किसान, मजदूर जनता से अपील करते है कि पीड़ित परिवारों से मिलकर हकीकत को सामने लावे।इस फर्जी मुठभेड़ का खंडन करें। न्यायिक जांच के लिए मांग करें। दोषी अधिकारियों व जवानों को कड़ी सजा देने की मांग करें।

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Author: Deepak Mittal

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