प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगीदलहन तिलहन की फसल लेने पर

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal


कृषि विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश

जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24*7in बिलासपुर

बिलासपुर, 14 जुलाई 2025/राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना का फायदा धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल लेने वाले किसानों को भी मिलेगा। उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। राज्य शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए है।

कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्वि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। इसके फलस्वरूप कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। राज्य सरकार द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत मंे राहत देने के लिये कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई गई है। फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देने, दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्म निर्भरता के लक्ष्य के साथ चिन्हित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

कृषक उन्नति योजना का लाभ केवल उन्ही कृषकों को मिलेगा जिन्होने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराया है। विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होने धान फसल लगाये हों तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हों, धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु किसान पोर्टल में पंजीकृत किसानों का पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राशि रूपये 11000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जावेगी।

खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल लेने वाले किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरान्त मान्य रकबे पर राशि 10000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जावेगी। योजना के दिशा-निर्देश अनुसार विधिक व्यक्तियों जैसे ट्रस्ट, मण्डल, प्राईवेट लिमिटेड, समिति, केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्था, महाविद्यालय आदि संस्थाओं को योजना से लाभ लेने की पात्रता नहीं होगी।

जो कृषक प्रमाणित धान बीज उत्पादन कार्यक्रम लेते हैं, और सामान्य धान भी सहकारी समितियों में विक्रय करते है, उनके द्वारा कुल विक्रय की जाने वाली धान की मात्रा, उनके कुल धारित रकबे की सीमा से अधिक नही होना चाहिये। इसे छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. एवं छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि. द्वारा आपसी समन्वय से सुनिश्चित किया जाएगा।

कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सिलिंग कानून के प्रावधानों के अध्याधीन किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से की जावेगी ।

खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि रू. 731 प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) पर राशि रू. 711 प्रति क्वि. की दर से अधिकतक राशि रू. 14931 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा। बीज उत्पादक कृषकों द्वारा छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को विक्रय किये गये धान बीज पर निर्धारित आदान सहायता राशि की कृषकवार मांग का विवरण बीज निगम द्वारा संचालक कृषि को प्रेषित किया जाएगा।

संचालक कृषि द्वारा मांग अनुसार राशि छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को उपलब्ध कराई जाएगी। उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि जिले में धान के अलावा अन्य फसलों में खेती लिए अरहर, कोदो, उड़द, आदि फसलों के बीजों का भंडारण समितियों में किया गया है।

योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के विकास खण्डों में स्थित कार्यालयों से जानकारी प्राप्त कर सकते है

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *