रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई. छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और अविभाजित मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई.
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उनके साथ बिताए क्षणों को याद करते हुए कहा कि शेखर दत्त बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे. छत्तीसगढ़ में राज्यपाल के रूप में उनका अतुलनीय योगदान था. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दिवंगत शेखर दत्त प्रतिभा के धनी थे. शेखर दत्त ने सेना में रहते देश का मान बढ़ाया. आईएएस के रूप में प्रशासनिक सेवा की. प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता. पूरे छत्तीसगढ़ वासियों की ओर से नमन करता हूं.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने भी पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और सुरेन्द्र बहादुर को श्रद्धांजलि दी. संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने पूर्व राज्यपाल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश ने एक कर्मठ व्यक्ति खो दिया. उनका जाना सबके लिए अपूर्णीय क्षति है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शेखर दत्त बड़े-बड़े पदों में रहे. मगर उनके व्यवहार में पद का असर नहीं हुआ. उनके जाने से देश और प्रदेश को अपूर्णीय क्षति हुई.

Author: Deepak Mittal
