खैरागढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए नागपुर में चल रहे ‘शिवा बुक’ सट्टा एप के रैकेट को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 6 सटोरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड फरार है, जिसकी तलाश तेज़ कर दी गई है।
खैरागढ़ पुलिस, साइबर सेल और थाना छुईखदान की संयुक्त कार्रवाई में इस हाई-टेक सट्टा गिरोह का पर्दाफाश हुआ। नागपुर के एक फ्लैट में संचालित हो रहे इस सट्टा अड्डे से पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप, पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड समेत करीब 7.5 लाख की संपत्ति जब्त की है। साथ ही 20 करोड़ रुपये के लेन-देन के रिकॉर्ड को भी सीज कर लिया गया है।
एक ही नेटवर्क, बदलते नाम और एप्स!
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—‘शिवा बुक’, ‘महादेव बुक’, ‘अन्ना रेड्डी’, ‘लोटस’ और ‘शिवनाथ बुक’ जैसे एप्स असल में एक ही सोर्स कोड और सर्वर से चलाए जाते हैं, सिर्फ नाम और लोगो बदलकर सट्टा कारोबार को नए रूप में प्रस्तुत किया जाता है ताकि पुलिस और यूजर्स को भ्रमित किया जा सके।
दुर्ग से जुड़े हैं तार, लिंक दुबई तक फैले होने की आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क का मुख्य संचालक दुर्ग का रहने वाला है, जो फरार है। साथ ही, इस रैकेट के हवाला, ड्रग्स और बिटकॉइन लेन-देन से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां सट्टा एप्स के सर्वर और डाटा को खंगाल रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें।
पुलिस की अपील:
“ऑनलाइन जुआ और सट्टा अवैध है। नागरिकों से अपील है कि ऐसी गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदेहास्पद एप या नेटवर्क की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।”

Author: Deepak Mittal
