Sambhal News: संभल में 24 नवम्बर को भड़की हिंसा के मामले में 22 जनवरी को इलाहाबाद हाइकोर्ट में सुनवाई

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

Sambhal Violence: संभल में 24 नवम्बर को भड़की हिंसा के मामले में 22 जनवरी को इलाहाबाद हाइकोर्ट में सुनवाई होनी है, बता दें कि हिंसा के दौरान मारे गए बिलाल के भाई सलमान की तरह से याचिका लगाई गई है, संभल के हयातनगर के रहने वाले बिलाल की मौत 24 नवम्बर को हिंसा में हुई गोली बारी में हो गई थी।

बिलाल के परिवार वालों ने पुलिस पर फायरिंग का आरोप लगाया था, हालांकि सम्भल पुलिस इससे पहले इनकार कर चुकी है। संभल पुलिस ने तीन दिन पहले मुल्ला अफरोज की गिरफ्तारी करके दावा किया है कि उसने ही हिंसा के दौरान गोली चलाई थी जिसमें बिलाल और अयान की मौत हो गई थी

पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत

संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र के राया सत्ती पुलिस चौकी में कथित तौर पर हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत हो गयी। परिजनों ने आरोप लगाया कि थाना क्षेत्र के खग्गू सराय निवासी 45 साल के इरफान की मौत पुलिस हिरासत में हुई और पुलिस ने उसे दवा नहीं लेने दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।

संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि सोमवार को करीब साढ़े 11 बजे शफीक बेगम नाम की महिला ने नखासा थाना क्षेत्र के राया सत्ती पुलिस चौकी पर प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उसने कहा था कि उसने इरफान (अपने भतीजे) के माध्यम से किसी को छह लाख रुपये दिए थे। हालांकि, जिस व्यक्ति को पैसे देने का दावा किया गया है, उसका कहना है कि उसे पैसे नहीं मिले हैं।

इरफान ने चौकी में कहा कि ‘उसे दवा लेने की जरूरत है’

पुलिस के अनुसार महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद पुलिसकर्मियों को जांच के लिए मौके पर भेजा गया और इरफान को पुलिस चौकी लाया गया। पुलिस ने कहा कि इरफान ने चौकी में कहा कि उसे दवा लेने की जरूरत है, जिसकी उसे अनुमति दे दी गई।पुलिस ने कहा कि इसके बाद उसने सीने में दर्द की शिकायत की तो उसे उसके बेटे के साथ पुलिस चौकी से अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत संभवतः हृदयाघात से हुई होगी। एसपी ने कहा कि पुलिस द्वारा दवा न लेने देने का आरोप पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने कहा कि चौकी पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और पिता-पुत्र कुछ मिनट तक ही वहां पर रुके थे।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

September 2026
S M T W T F S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *