रामायण के आदर्शों को जीवन में करें आत्मसात : गीता घासी साहू

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ब्यूरो राजनांदगाव

राजनांदगांव।जिले के छुरिया ब्लॉक के ग्राम बखरुटोला,केशोखैरी में आयोजित रामायण प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजनांदगांव जिला पंचायत अध्यक्ष गीता घासी साहू थी।इस अवसर पर श्रीमती गीता घासी साहू ने कहा कि हमें अपने जीवन में रामायण के आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। इससे हमारे जीवन में आने वाली कठिनाई से संबल मिलती है। राम नाम की महिमा अपरंपार है।
श्री रामजी ने सदाचार का मार्ग चुना। उसी तरह हमें भी सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। कुसंगति से बचकर सत्संग के मार्ग पर चलना चाहिए। अपने जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता,उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम चरित मानस में सकारात्मक जीवन जीने की कला छिपी हुई है। किस तरह का व्यवहार हमें अपने जीवन में अपनाना है और संबंधों को किस प्रकार जीना है। यह शिक्षा हमें रामायण से मिलती है।
श्रीमती गीता घासी साहू ने 22 जनवरी कोअयोध्या मेंभगवान श्री रामचंद्र जी विराजमान होने के दिन प्रत्येक घरों में दीप प्रज्वलित करने का निवेदन किया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पदम भूषण साहू, श्रीमती बेला साहू,जाकेत साहू,भीखम लाल, कुलेश्वर साहू, देव सागर साहू, कुलदीप नरोत्तम,रूपेंद्र साहू आदि उपस्थित रहे।रामायण प्रतियोगिता में ख्याति प्राप्त अंचल की मानस मंडलियों ने भाग लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

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Author: Deepak Mittal

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