चटपटे फास्ट फूड से सुनहरा भविष्य गढ़ने की पहल*

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अश्वनी अग्रवाल

प्रोजेक्ट उन्नति अंतर्गत 31आदिवासी युवा ले रहे फास्ट फूड बनाने का प्रशिक्षण

बीजापुर  वर्तमान दौर में फास्ट फूड के चटपटे स्वाद का जादू युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल से प्रोजेक्ट उन्नति अंतर्गत जिले के 31 आदिवासी युवाओं को फास्ट फूड स्टॉल उद्यमी विषय पर 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 8 जनवरी से शुरू हुए इस प्रशिक्षण में युवा भेलपुरी, पानीपुरी, मोमोज, चाउमीन, पावभाजी सहित विभिन्न चटपटे व्यंजन बनाना सीख रहे हैं।
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में इन युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। ग्राम पंचायत मंगनार की राधा मंडावी ने बताया कि पहले मैं फास्ट फूड को शहर आने पर ही लोगों को खाते देखती थी। कभी सोचा भी नहीं था कि हम लोगों को भी यह बनाने आ जायेगा। लेकिन अब मैं इसे मजे से बनाना सीख रही हूं।


मास्टर ट्रेनर श्रीमती निलेंद्ररी विशाल ने बताया कि प्रशिक्षण में भेलपुरी, दहीपुरी, पानीपुरी, सेवपुरी, मोमोज, मंचूरियन, चाउमीन, समोसा, कचौरी, पावभाजी बनाना सिखाया जा रहा है। इस क्षेत्र में कार्य कर युवा उद्यमी बन सकते हैं।


जिला पंचायत सहायक परियोजना अधिकारी मनीष सोनवानी ने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी नरेगा में 100 दिवस का कार्य किए है। उन जाबकार्डधारी परिवारों के युवाओं को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है।

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Author: Deepak Mittal

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