जहां काम है वहां राम नहीं_आचार्य संदीप

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आरंग/बुधवार को स्व श्याम बिहारी अग्रवाल की स्मृति में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान सप्ताह योग के द्वितीय दिवस अग्रवाल पारा व्यास पीठ की गद्दी से आचार्य पंडित संदीप कृष्ण शास्त्री बेमेतरा ने अपनी संगीतमय भागवत कथा में कहा कि जगत की उत्पत्ति स्थिति और विनाश के हेतु तथा जो तीनों प्रकार के ताप के नाश करता है ऐसे सत आनंद स्वरूप भगवान श्री कृष्ण की वंदना से परम सुख प्राप्त होता है, उन्होंने श्लोक के माध्यम से यह भी कहा कि जो लोग सदा अपने घर में भागवत शास्त्र का पठन पूजन श्रवण करते हैं मानो एक कल्प तक के लिए संपूर्ण देवताओं को भी तृप्त करते हैं उन्होंने परीक्षित जन्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता के गर्भ में ही उन्हें भगवान के दर्शन हुए इसलिए वे भाग्यशाली एवं उत्तम श्रोता कहलाए, श्रीकृष्ण एवं श्रीराम को कामदेव कभी पराजित नहीं कर सका भगवान का चिंतन मनन करने वाले को काम सता ही नहीं सकता तथा कहा कि जहां काम है वहां राम नहीं और जहां राम है वहां काम नहीं उन्होंने अलंकारिक भाषा में कहा कि यह कैसी विडंबना है की संतान स्कूल में 6 घंटे के हिसाब से लगभग 20 वर्ष तो पढ़ता ही है किंतु प्रायः यह देखा गया है की 10 मिनट भी अपने माता-पिता की बात नहीं सुनता उन्होंने माता-पिता की सेवा को ईश्वर प्राप्ति का सुगम माध्यम बताया तथा प्रणाम करने के आधुनिक तरीके पर कटाक्ष करते हुए उसकी व्याख्या भी की तथा कहा की हर व्यक्ति तनाव से गुजर रहा है उन्होंने समाधान करते हुए कहा कि जो होना है उसे रोका नहीं जा सकता क्योंकि होनी प्रबल है और जो नहीं होगा वह नहीं होगा फिर तनाव किस बात का एवं “राधे राधे श्याम सुंदर से मिला दे” जैसे मधुर भजनों से श्रोतागण मुग्ध हो उठे इस अवसर पर शशि प्रभा अग्रवाल,माधुरी अग्रवाल,बांकेबिहारी अग्रवाल,कांति अग्रवाल,श्याम मूर्ति अग्रवाल,रमेश अग्रवाल आदि एवं श्रद्धालु गणों की उपस्थिति रही।


संकलनकर्ता रोशन चंद्राकर आरंग

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Author: Deepak Mittal

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