आरंग। बद्री प्रसाद लोधी स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय आरंग के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा महाविद्यालय में मानवाधिकार दिवस पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।
मानवाधिकार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र घृतलहरे ने उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक सार्वभौमिक घोषणा को 10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकार के रूप में स्वीकार किया ,मानवाधिकार वह अधिकार है जो मानव को मानव होने के नाते स्वत ही प्राप्त होता है जिसे कोई राज्य या अन्य अवैधानिक संस्था उससे वंचित नहीं कर सकता है।
महाविद्यालय इतिहास विभाग के प्राध्यापक ज्ञानेश शुक्ला ने मौलिक अधिकार एवं मानवाधिकार में अंतर के बारे में बताएं इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्र छात्रों ने मानवाधिकार पर नारा लेखन की एवं भाषण प्रस्तुत किया।वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एल पी शर्मा ने अन्य गतिविधि एवं व्यक्तित्व के विकास पर अपनी बात रखें कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों का उपस्थित है।

संकलनकर्ता रोशन चंद्राकर आरंग
Author: Deepak Mittal










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