रायपुर के जीवन विहार कॉलोनी में “अवैध अस्पताल” निर्माण से बवाल, रहवासियों का फूटा गुस्सा – प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

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रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा स्थित जीवन विहार कॉलोनी इन दिनों भारी विवाद के केंद्र में है, जहां कथित रूप से बिना वैध अनुमति एक बहुमंजिला भवन को अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इस निर्माण को लेकर कॉलोनी वासियों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है।


स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह निर्माण न तो विधिवत स्वीकृत है और न ही इसके लिए जरूरी नियमों का पालन किया गया है। इसके बावजूद निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

“रिहायशी इलाके में व्यावसायिक निर्माण” – बड़ा विवाद
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र आवासीय है, जहां अस्पताल जैसे व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं है। यदि यहां अस्पताल शुरू होता है, तो ट्रैफिक, शोर-शराबा और भीड़भाड़ से आम नागरिकों का जीवन प्रभावित होगा।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी
निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। खुले में निर्माण सामग्री, बिना सुरक्षा उपकरण काम करते मजदूर और अधूरा ढांचा किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देता दिख रहा है।

दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप
जानकारी के अनुसार, जमीन का डायवर्जन (भू-उपयोग परिवर्तन) अब तक पूर्ण नहीं हुआ है, इसके बावजूद निर्माण जारी है। वहीं नामांतरण और खसरा संबंधी मामलों में भी विसंगतियों की चर्चा से मामला और गंभीर हो गया है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
शिकायतों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। कॉलोनी वासियों का आरोप है कि बिना संरक्षण के इतना बड़ा निर्माण संभव नहीं है।

कॉलोनी वासियों का फूटा गुस्सा
एक निवासी ने कहा, “हमने शांतिपूर्ण तरीके से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ेगा।”

दूसरे रहवासी ने कहा, “रिहायशी इलाके में अस्पताल खोलना पूरी तरह गलत है, इससे हमारी सुरक्षा और शांति दोनों खतरे में हैं।”
एक अन्य नागरिक का कहना है, “अगर अभी नहीं रोका गया तो आगे और भी अवैध निर्माण शुरू हो जाएंगे।”

आंदोलन की चेतावनी
कॉलोनी वासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है, या फिर अवैध निर्माण का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
कलेक्टर रायपुर (गौरव सिंह) का वर्जन:
“मामला संज्ञान में आया है। संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

नगर निगम कमिश्नर श्री विश्वदीप कहते हैं कि
“निर्माण की वैधता की जांच कराई जा रही है। बिना अनुमति निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।”

महापौर रायपुर मीनल चौबे कहती हैं कि
“शहर में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो निगम स्तर पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) कहते हैं कि “राजस्व और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”

तहसीलदार का कहना है कि “भूमि संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। डायवर्जन और नामांतरण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

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Author: Deepak Mittal

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