आरंग। वृताकार समिति आरंग में 15 नवंबर से प्रारंभ हुई धान खरीदी में 1576 किसानों में से अब तक 494 किसानों ने धान बिक्री किया है। इस तरह 40% किसान धान बेच चुके है। इनमें से अधिकांश छोटे किसान है। कुल 26796 क्विंटल धान की बिक्री हो गया है। किसानों की धान बिक्री के बाद धान का उठाव नहीं होने के कारण किसानों एवं समिति प्रबंधन के समक्ष स्थानाभाव के कारण धान को रखने की समस्या उत्पन्न हो गया है।
समिति में लगभग प्रतिदिन 2000 क्विंटल धान की खरीदी नियमानुसार किया जा रहा है। अब तक बिक्री हुए 66000 बोरी धान को समिति परिसर में रखा गया है। मौसम प्रतिकूल हुआ तो धान की बोरी को ढकने की समस्या उत्पन्न होगी। 66000 कट्टा धान के लिए 45 स्टेक बनाया जाना संभव है । 45 स्टेक को सुरक्षित रखने के लिए पॉलिथीन की वृहत मात्रा में उपलब्ध करना भी जरूरी होगा । यह समिति प्रबंधन के लिए अनावश्यक व्यव है जो धान की बोरी का उठाव नहीं होने के कारण होगा।छोटे किसानों ने अब तक मोबाइल या चॉइस सेंटर के माध्यम से 15 जनवरी तक टोकन की सुविधा प्राप्त कर चुका है। इस तरह छोटे किसानों का लक्ष्य पूरा हो गया है।
धान की परिवहन शीघ्र किए जाने को लेकर स्थानीय समिति ने जिला विपणन अधिकारी एवं उप पंजीयक सहकारी के अधिकारी को प्रतिदिन पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है । 5 एकड़ से अधिक रकबा वाले बड़े किसान को टोकन प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में धान बिक्री की अवधि को बढ़ाए जाने की मांग किसानों ने की है। किसानों ने यह भी मांग की है कि टोकन की व्यवस्था ऑफलाइन में कराया जाए जिससे टोकन सरलता के साथ प्राप्त हो सके।बिक्री हुए धान का परिवहन नहीं होने से बड़े किसानों के समक्ष भी धान रखने की समस्या भी उत्पन्न होगा तथा हेमाल को तौल करने व समिति प्रबंधन को धान की बोरी को सुरक्षित रखने की भी समस्या होगी ।

संकलनकर्ता रोशन चंद्राकर आरंग
Author: Deepak Mittal









