
जनता रही गिन, आज अंतिम दिन:प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रीयों को दिया गया था 15 दिवस का समय
निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली
सरगांव-क्षेत्र में खुली बड़ी बड़ी फैक्ट्रियों के संचालन ने नगर व आसपास के वातावरण को बुरी तरह प्रदूषित कर दिया है । बेखौफ संचालन करते आ रहे संचालकों की मनमानी रोकने स्थिति को सुधार में लाने नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर जागे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले ने आखिर संज्ञान लिया था और इनकी बैठक आहूत कर सीधे सीधे शब्दों में 11 बिंदु पे जवाब मांगा था।
यही नही उन्हें सुधार हेतु अंतिम 15 दिवस का समय प्रदान किया गया था इस बात पर की अगले 16 वे दिन स्थिति सुधार न पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही किये जाने जरूरत पड़ी तो फैक्ट्रीयों को अस्थायी रूप से बन्द किये जाने की बात कही गयी थी ।
प्रशासन द्वारा लिए गए संज्ञान से आस्वस्त नागरिक सुधार की आशा में दिन गिनते नज़र आ रहे है परंतु फैक्ट्रीयों के सुधार का कार्य नौ दिन चले अढ़ाई कोस को चरितार्थ कर रहा है। आज उन्हें दिये गए संमय का अंतिम दिन है और देखना यह है कि उनके द्वारा उन 11 बिंदुओं पे क्या जवाब पेश किए जाएंगे जनता जानना चाहती है। या फिर ये विषय ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा किन्तु इधर नागरिक पूरी तरह अपना मन इस बार बना चुके हैं ।
उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही नही की गई तो वे निश्चित ही इन फैक्ट्रीयों के तालाबंदी को कूच करेंगे। नागरिकों में इस विषय को लेकर चर्चा जोरों पर है कि इतना सब होने के बाद भी अगर कोई कार्यवाही नही की गयी तो बहुत सारे प्रश्न जन्म लेंगे और ये कहने और समझने से पहले ये पूछना फिर लाजमी हो जाएगा कि असल जिम्मेदार कौन ? प्रशासन को पुनः इस विषय पर गहनता से विचार करना होगा और कार्यवाही जारी रखनी होगी।
बरहाल नवभारत टाइम्स की कलम और जागरूक कलमकार नित अपना कार्य कर रही है। समय समय पर इस विषय को लेकर सचेत कर रही ताकि आने वाला कल सुनहरा हो । टकटकी लगाए लोग और एक एक दिन गिनते आज अंतिम दिवस पर लिए जाने वाले फैसले को लेकर इंतेज़ार में है। अब आने वाला वक्त ही बताएगा की तीन अक्षर के ” कलम” में छुपा ‘कल’ क्या प्रदूषण ‘कम’ कर पायेगा या लोग विषय को लेकर आगे “लम’ जाएंगे।

Author: Deepak Mittal
