आरंगः ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से किसान हलाकान व परेशान

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आरंगः 14 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो चुकी है लेकिन इसके साथ किसानों को चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। किसान प्रतिनिधि आयुष दुबे ने बताया कि किसानों को टोकन कटवाने में बहुत ही ज्यादा समस्या आ रही है। सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन टोकन नहीं कट पा रहा है, पूरे छत्तीसगढ़ से किसान ऑनलाइन टोकन कटवा रहे है, सर्वर डाउन की समस्या आ रही है। शासन प्रशासन से किसानों द्वारा मांग की जा रही है कि ऑनलाइन टोकन कटवाने की व्यवस्था में सुधार किया जाए। ऑफलाइन टोकन कटवाने की व्यवस्था भी शासन द्वारा नहीं की जा रही है।

जिससे किसान परेशान हो रहे है, किसान कह रहे है कि पहले वाला सिस्टम ही ठीक था लेकिन अभी ऐसा नहीं हो पा रहा पहले 60 प्रतिशत और 40 प्रतिशत के दर से ऑफलाइन और ऑनलाइन टोकन काटा जाता था लेकिन अभी ऐसा नहीं हो रहा है किसान जो कम पढ़े-लिखे है उन्हें भी ऑफलाइन टोकन कटवाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इससे किसान हलाकान हो रहे है, महिला किसानों को भी इसमें खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। किसानों के पास मोबाइल तो है लेकिन कैसे टोकन काटने है यह किसानों को नही पता।

कुछ किसानों के पास मोबाइल तक नही है, नारा उपार्जन केंद्र के किसान ठगिया धीवर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह लगातार मंडी के चक्कर काट रही हैं, जब वह उपार्जन केंद्र जाती है तो उन्हें ऑनलाइन टोकन कटवाने की बात कह कर वापस भेज दिया जाता है और उनके पास मोबाइल भी नहीं है जिसमें वह अपना रजिस्ट्रेशन कर पाए और चॉइस सेंटर में जाकर अपना टोकन कटवा पाए।

चॉइस सेंटर में कहा गया कि किसी दूसरे का मोबाइल नंबर दे दो तो खोजने के बाद भी किसी का मोबाइल नम्बर नही मिला, जिससे वह चिंतित है कि इस वर्ष उनका धान बिक पाएगा या नही। किसान प्रतिनिधि आयुष दुबे ने नारा, भानसोज, रीवा, टेकारी उपार्जन केंद्र का दौरा कर उनके इंचार्ज से और वहां के किसानों से बातचीत कर धान खरीदी की समस्या को देखते हुए कलेक्टर रायपुर के नाम ज्ञापन प्रेषित कर चुके है और इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे है।

उनका कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो इस बार किसानों को बहुत अधिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि सुबह 9.30 बजे ही टोकन एप्प खुलता है और 2 मिनट के अंदर ही भर जाता है। इस तरह से समस्या चलती रही तो किसानो के धान को बहुत नुकसान हो सकता है, प्रशासन को इस पर ध्यान देकर फिर से ऑफलाइन धान टोकन की व्यवस्था करना अति आवश्यक है।विकास के लिए महत्वपूर्ण कारक है सुशासन – ओ.पी. चौधरी


संकलनकर्ता – रोशन चंद्राकर

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Author: Deepak Mittal

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